यूट्यूबर्स को कमाई पर अब देना होगा 24% तक टैक्स

यूट्यूबर्स को कमाई पर अब देना होगा 24% तक टैक्स

नई दिल्ली। यूट्‍यूब (YouTube) आज यानी 1 जून 2021 से अपने वीडियो क्रिएटर्स को झटका देने जा रहा है। यूट्‍यूब से होने वाली कमाई पर अब क्रिएटर्स को 24 फीसदी प्रतिमाह के हिसाब टैक्स चुकाना होगा।दरसअल, 1 जून 2021 से यूट्‍यूब ने अपनी पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं। इसका असर यूट्‍यूबर्स की कमाई पर भी पड़ने वाला है। अब यू-ट्यूब से कमाई करने वालों को टैक्स भी चुकाना होगा। अपनी नई पॉलिसी के तहत यूट्यूब ने अमेरिका के बाहर के क्रिएटर्स से टैक्स वसूलने का निर्णय किया है।

उल्लेखनीय है कि इस समय भारत में यूट्‍यूबर्स वीडियो बनाकर तगड़ी कमाई कर रहे हैं। ऐसे में जिन क्रिएटर्स के वीडियो अमेरिका में भी देखे जाते हैं, उन्हें तगड़ा टैक्स चुकाना होगा। यह टैक्स अमेरिका से बाहर रहने वाले सभी क्रिएटर्स से वसूला जाएगा। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के वीडियोज में अमेरिकी दर्शकों की संख्या कम होने की वजह से भारत के क्रिएटर्स पर नए नियम का ज्यादा असर नहीं होगा।

अमेरिकी टैक्स कानून के दायरे में पूरी दुनिया के यूट्यूबर्स
अमेरिका के टैक्स कानून ‘इंटरनल रेवेन्यू कोड’ के चैप्टर तीन के तहत, गूगल की जिम्मेदारी है कि वो यूट्यूब पर अमेरिका के दर्शकों से कमाई कर रहे कंटेंट क्रिएटर्स से टैक्स की जानकारी ले। उनकी कमाई से टैक्स काटे और इसकी जानकारी इंटरनल रेवेन्यू सर्विस को दे। इसलिए अगर कोई क्रिएटर अमेरिका के बाहर का है और वो अमेरिका के दर्शकों से कमाई करता है, तो 1 जून 2021 से उसकी कमाई पर टैक्स कटौती शुरू हो जाएगी।गूगल ने इस नई पॉलिसी की घोषणा इस साल मार्च में कर दी थी। इसके मुताबिक यूट्यूब पार्टनरशिप प्रोग्राम में शामिल सभी कंटेंट क्रिएटर्स को 31 मई तक टैक्स की जानकारी देनी थी,भले ही वे दुनिया में कहीं भी रहते हों।

विज्ञापनों से कमाई का बड़ा हिस्सा पहले ही रख लेता है यूट्यूब

कंटेंट क्रिएटर्स की कमाई का एक बड़ा हिस्सा यूट्यूब पहले ही अपने पास रख लेता है। मसलन अगर आप अपना चैनल मोनेटाइज करना चाहते हैं तो आपको यूट्यूब की कुछ शर्तें माननी पड़ेंगी। इसमें एक शर्त है कि आपके वीडियो पर विज्ञापन से जो भी पैसा आएगा उसमें 45% गूगल अपने पास रखेगा और बचा हुआ 55% आपको मिलेगा। यूट्यूब विज्ञापनों से सालाना करीब 1 लाख करोड़ रुपए कमाता है। ये गूगल की कुल कमाई का 10% है।

नई पॉलिसी से यूट्यूब से होने वाली कमाई पर क्या असर पड़ेगा?
ज्यादातर इंडियन यूट्यूबर्स क्षेत्रीय भाषा में कंटेंट बनाते हैं। इसलिए उनके ज्यादातर दर्शक भी देश के अंदर ही होते हैं। यूट्यूब सिर्फ उस कमाई पर टैक्स लगा रहा है जो अमेरिका के दर्शकों से हुई है। इसलिए फिलहाल इस नई पॉलिसी से भारत के क्रिएटर्स पर कोई बड़ा असर नहीं होगा।अगर आप टैक्स की सही जानकारी देते हैं,तो आपकी कुल कमाई में से सिर्फ अमेरिकी दर्शकों से होने वाली कमाई का कुछ हिस्सा ही टैक्स के रूप में काटा जाएगा। टैक्स की दर कितनी होगी ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप गूगल को टैक्स की क्या जानकारी देते हैं।

मान लीजिए भारत के किसी यूट्यूबर ने जून 2021 में यूट्यूब से 1,000 रुपए कमाए। उसके चैनल की कुल कमाई में से 100 रुपए अमेरिकी दर्शकों से हुई कमाई है। यहां उससे तीन प्रकार के टैक्स काटे जा सकते हैंः-

स्थिति-1: यूट्यूबर ने 31 मई तक अपने टैक्स की जानकारी नहीं दी

कंपनी के मुताबिक टैक्स की जानकारी न देने पर दुनिया भर से हुई कुल कमाई में से 24% तक टैक्स कटौती की जाएगी। यानी इस स्थिति में 1000 रुपए में से 240 रुपए टैक्स के रूप में कट जाएंगे।

स्थिति-2: यूट्यूबर ने टैक्स की जानकारी दी और भारत-यूएस टैक्स संधि भी क्लेम किया

इस स्थिति में यूट्यबर की 1000 रुपए की कुल कमाई से सिर्फ 15 रुपए ही टैक्स कटेगा। कंपनी के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच एक टैक्स समझौता है। इस समझौते के तहत अमेरिका के दर्शकों से होने वाली कमाई पर सिर्फ 15% की दर से टैक्स लिया जाएगा।

स्थिति-3: यूट्यूबर ने टैक्स की जानकारी दी, लेकिन टैक्स संधि के योग्य नहीं

इस स्थिति में यूट्यूबर की 1000 रुपए की कमाई से 30 रुपए टैक्स के रूप में काट लिए जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि टैक्स समझौते के बिना अमेरिका के दर्शकों से होने वाली कमाई पर 30% की दर से टैक्स लिया जाएगा।

अब इस बात को एक उदाहरण से समझते हैं…

एक यूट्यूब चैनल है जिसके 5.76 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। इस चैनल का कुल ऐड रेवेन्यू 43.18 लाख रुपए है। इसमें भारत से हुई कमाई 39.08 लाख और अमेरिका से हुई कमाई 1.13 लाख रुपए है। अब अगर यूट्यबर ने 31 मई तक टैक्स का फॉर्म भर दिया होगा और टैक्स संधि क्लेम की होगी तो उसके खाते से 1.13 लाख का महज 15% ही टैक्स के रूप में कटेगा यानी करीब 17250 रुपए।

सभी क्रिएटर्स को अपने टैक्स की जानकारी Google को देनी चाहिए,चाहे उनके चैनल पर अमेरिका के दर्शकों से कमाई हो रही हो या नहीं। आने वाले समय में,अगर अमेरिका के दर्शकों से चैनल पर इनकम होती है,तो आय पर टैक्स कटने की सही दर तय करने में मदद मिलती है।

 

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