पूजा के लिए सुबह-सुबह का samay ही क्यों सर्वश्रेष्ठ माना गया है? । pooja karne ka sai samay

जीवन मंत्र । वैसे तो भगवान की पूजा किसी भी समय की जा सकती है, लेकिन पूजन कर्म के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए सुबह-सुबह पूजा करना क्यों शुभ माना जाता है…

सुबह पूजा करने का महत्व

  1. धार्मिक महत्व

    ब्रह्म मुहूर्त को देवताओं का समय माना गया है। इस समय जागने और पूजन कर्म करने से पूजा जल्दी सफल होती है। सुबह सूर्योदय के समय सभी दैवीय शक्तियां जागृत हो जाती हैं। जिस प्रकार सूर्य की पहली किरण से फूल खिल जाते हैं, ठीक इसी प्रकार सुबह-सुबह की सूर्य की किरणें हमारे शरीर के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं। दोपहर में 12 से 4 का समय पितरों की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस समय में भगवान की पूजा से पूरा शुभ फल नहीं मिलता है।

  2. मनोवैज्ञानिक महत्व

    भगवान की पूजा करते समय हमारा मन शांत होना चाहिए। शांत मन से पूजा में ध्यान लगा पाते हैं। एकाग्रता के बिना की गई पूजा सफल नहीं हो पाती है। सुबह का समय पूजा के लिए श्रेष्ठ है, क्योंकि जागने के बाद हमारा मन शांत और स्थिर रहता है। दिमाग में इधर-उधर की बातें या व्यर्थ विचार नहीं होते। भगवान की भक्ति के लिए जरूरी है कि मन एकाग्र रहे ताकि प्रभु में पूरा ध्यान लगाया जा सके। दिन के समय हमारे दिमाग में कई तरह के विचार और काम चलते रहते हैं, मन एक जगह टिक नहीं पाता है, सुबह ये बातें हमारे साथ नहीं होती हैं, इसीलिए सुबह के समय पूजा करना ज्यादा शुभ माना गया है।

  3. स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

    सुबह की गई पूजा के प्रभाव से मन को इतना बल मिलता है कि हम दिनभर के सारे तनाव आसानी से सहन कर पाते हैं। सुबह जल्दी जागने से स्वास्थ्य को लाभ मिलते हैं। त्वचा की चमक बढ़ती है, पेट से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है। सुबह पूजा में किए गए ध्यान से दिमाग तेजी से चलता है, हम एक साथ कई योजनाओं पर कार्य कर पाते हैं।