क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड योजना,जानिए

क्या है वन नेशन वन राशन कार्ड योजना,जानिए

नई दिल्ली। इस योजना के अंतर्गत आप देश की किसी भी राशन की दुकान से राशन खरीद सकते हैं। सभी नागरिक जो काम करने के लिए किसी दूसरे राज्य जाते हैं वह अब इस योजना के माध्यम से देश की किसी भी राशन की दुकान से राशन खरीद सकेंगे। इस योजना का लाभ प्रवासी श्रमिक, मजदूर, दैनिक भत्ता लेने वाले, कूड़ा हटाने वाले, सड़क पर रहने वाले संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले आदि जैसे नागरिकों को पहुंचेगा।

इस योजना के अंतर्गत राशन कार्ड आपके मोबाइल नंबर की तरह ही काम करेगा। जैसे कि आपको देश के किसी भी कोने में जाकर अपना मोबाइल नंबर नहीं बदलना पड़ता है, वह हर जगह काम करता है। उसी प्रकार वन नेशन वन राशन कार्ड का उपयोग भी आप किसी भी राज्य में कर सकते हैं।

मोबाइल एप ‘मेरा राशन’ बना मददगार

सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से ओएनओआरसी योजना के तहत जारी, टोल-फ्री नंबर 14445 और ‘मेरा राशन’ मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में व्यापक प्रचार करने और जागरूकता फैलाने का अनुरोध किया गया है। इस एप को हाल ही में एनएफएसए लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए एनआईसी के सहयोग से विभाग द्वारा विकसित किया गया है। दस अलग-अलग भाषाओं में अर्थात अंग्रेजी, हिंदी, उड़िया,पंजाबी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, गुजराती और मराठी में यह एप है। यह मोबाइल एप, प्रवासी मजदूरों की मदद करने के लिए लॉन्च किया गया है। इस मोबाइल एप के माध्यम से देश का कोई भी व्यक्ति किसी भी राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकता है। इस एप के माध्यम से यह भी चेक किया जा सकता है कि लाभार्थियों को कितना अनाज मिलेगा। इसके अलावा लाभार्थियों द्वारा नजदीकी राशन की दुकान से संबंधित जानकारी भी इस ऐप के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग है प्राथमिकता

डीएफपीडी सचिव ने कहा कि कोविड परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत असुरक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (यानी सड़क पर रहने वाले, कचरा बीनने वाले,हॉकर्स,रिक्शा चालक,प्रवासी श्रमिक आदि) के सभी पात्र व्यक्तियों को इसके अंतर्गत शामिल करना, इस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनएफएसए के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों/परिवारों की पहचान करने और निरंतर समीक्षा के माध्यम से उन्हें राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया संबंधित जिम्मेदारी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 2 जून, 2021 को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश जारी किया गया है कि,जिन पात्र लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है,उन्हे राशन कार्ड जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाएं।

योजना का बजट

पिछले साल,मार्च से जून तक के लिए यह योजना शुरू की गई थी। उसके बाद इसका विस्तार छठ पूजा तक कर दिया गया था। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार पर 90,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंने का अनुमान था। वहीं इस वर्ष मई-जून महीने के लिए सरकार द्वारा योजना पर 26,000 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जानी थी। अब जब इस योजना को दिवाली तक बढ़ाने की घोषणा हो चुकी है,तब अनुमान है इस योजना की कुल लगात 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगी।

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