वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में जीता सिल्वर मेडल 

वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में जीता सिल्वर मेडल 

टोक्यो। भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल दिला दिया है। शनिवार को आयोजित वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 49 किग्रा वर्ग में यह मेडल जीता। जानकारी के लिए बता दें कि यह भारतीय वेटलिफ्टिंग इतिहास में ओलंपिक में भारत का दूसरा पदक है। भारत ने इससे पहले सिडनी ओलंपिक (2000) में वेटलिफ्टिंग में पहला पदक (कांस्य) जीता था। यह पदक 21 वर्ष पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने दिलाया था। मीराबाई चानू पहली भारतीय वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने का कारनामा किया है।

इसके साथ ही भारत ने आज एक और रिकार्ड बनाया है। ओलंपिक खेलों की शुरुआत से लेकर अबतक दूसरे दिन ही मेडल जीतने का कारनामा भारत ने कर दिखाया है।मीराबाई ने स्नैच में 87 किलो और क्लीन एंड जर्क में 115 किलो वजन उठाया। इस तरह मीराबाई ने कुल 202 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस मुकाबले में उनकी प्रतिद्वंदी,चीन की वेटलिफ्टर हाऊ झिहू ने कुल 210 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।

मीराबाई ने ऐसे किया सिल्वर मेडल पर कब्जा

मीराबाई ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में ही 84 किलो और दूसरे में 87 किलो वजन उठाया। हालांकि, तीसरे प्रयास में वो 89 किलो वजन उठाने में नाकाम रहीं। वो स्नैच राउंड में दूसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के अपने दूसरे प्रयास में मीराबाई चानू ने 115 किग्रा वजन उठाकर नया ओलंपिक रिकॉर्ड कायम किया,लेकिन चीन की हाऊ झिहू ने अगले ही प्रयास में 116 किलो वजन उठाकर ये रिकॉर्ड अपने नाम किया। रोमांचक होते जा रहे इस मुकाबले के आखिरी राउंड में चानू ने चीन की वेटलिफ्टर को पछाड़ने के लिए 117 किलो वजन उठाने की कोशिश की लेकिन वो इसमें नाकाम रही।

राष्ट्रपति,पीएम समेत सभी दिग्गजों ने दी बधाई

ओलंपिक में पदक जीतने पर उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह,सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर,क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर समेत तमाम दिग्गजों ने मीराबाई चानू को ओलंपिक में रजत पदक जीतने पर बधाई दी। अपने बधाई संदेश में पीएम मोदी ने कहा,इससे अच्छी शुरुआत नहीं हो सकती,भारत उनके शानदार प्रदर्शन से उत्साहित है, उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है।

कौन है मीराबाई चानू ?

मणिपुर की राजधानी इम्फाल की रहने वाली मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त 1994 को इम्फाल में हुआ था। चानू को बचपन में तीरंदाजी का शौक था और वो इसी में अपना करियर भी बनाना चाहती थी, लेकिन 8वीं कक्षा के बाद उनका झुकाव वेटलिफ्टिंग की ओर हो गया और फिर उन्होंने इसी में आगे बढ़ने का फैसला किया। इम्फाल की वेटलिफ्टर कुंजरानी को प्रेरणा मानकर चानू भी भारोत्तोलन में दिलचस्पी लेने लगी थी।

चानू ने महज 11 वर्ष की उम्र में एक लोकल वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने विश्व और एशियाई जूनियर चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलन करियर की शुरूआत की थी।

मीराबाई चानू की उपलब्धियां

साइखोम मीराबाई चानू अब तक देश के लिए कई मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2014 में ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद 2016 के रियो ओलंपिक गेम्स के क्वालीफाई मैच में चानू ने अपनी प्रेरणा वेटलिफ्टर कुंजरानी को हराकर रियो ओलंपिक्स में अपनी जगह बनाई थी। वर्ष 2017 में हुई वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था।

2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में भी चानू ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इसके अलावा अप्रैल 2021 में ताशकंद में आयोजित एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप के दौरान, मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किग्रा क्लीन एंड जर्क श्रेणीं में 119 किग्रा भार उठाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि स्नैच में खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई मीट में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।वर्ष 2018 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया था। चानू को वर्ष 2018 में ही भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।

 

 

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