मस्जिद को आतंकी बना रहे हथियार, एक में खुद आग लगा फैला दी अफवाह

मस्जिद को आतंकी बना रहे हथियार, एक में खुद आग लगा फैला दी अफवाह

कश्मीर। यहाँ तक कि सशस्त्र बलों के चंगुल से निकल कर भागने के लिए मजहब के नाम पर खून बहाने वाले उन हथियारबंद आतंकियों ने मस्जिद के एक हिस्से में भी आग लगाने की कोशिश की। इलाके में अफवाह फ़ैल गई कि जवानों ने पवित्र पुस्तकों को नुकसान पहुँचाया है। सशस्त्र बलों ने न सिर्फ ऑपरेशन के बाद मस्जिद की साफ़-सफाई की, बल्कि वहाँ मिली पुस्तकें भी स्थानीय प्रशासन को सौंपी। इसी तरह 1990 में भी शोपियाँ में 4 आतंकियों को मार गिराया गया था।

कश्मीर के IGP विजय कुमार ने कहा है कि मस्जिदों का जिस तरह से आतंकी घटनाओं के लिए इस्तेमाल हो रहा है, उसकी सभ्य समाज और मीडिया को निंदा करनी चाहिए। इसी तरह पाम्पोर में जून 2019 में आतंकियों के सफाए के लिए सुरक्षा बलों को मस्जिद में घुसना पड़ा था। इस एनकाउंटर में भी ज्यादा समय लगा था, क्योंकि पुलिस मस्जिद की रक्षा करना चाहती थी और आतंकियों को कई बार आत्मसमर्पण के लिए मनाया गया था।

इसी तरह जुलाई 2020 में भी सोपोर की एक मस्जिद में पनाह लिए आतंकियों की फायरिंग में एक CRPF के जवान की मौत हो गई थी। एक जवान के बलिदान के अलावा एक नागरिक की भी उन आतंकियों ने हत्या कर दी थी। साथ ही 3 घायल हुए थे। तब भी चेताया गया था कि मस्जिद प्रबंधक समितियाँ आतंकियों को भीतर घुसने न दें। उस दौरान एक बच्चे को भी बचाया गया था। मस्जिद में छिपे आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी।

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