2024 की जगह 2022 में ही मिलेगा इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के हर घर में जल

2024 की जगह 2022 में ही मिलेगा इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के हर घर में जल

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के दौर में,सरकार सिर्फ बीमारी से ही नहीं लड़ रही है बल्कि हर मोर्चे पर देश को संभालने की कोशिश कर रही है। आज के युग में संसाधनों की असमानता के चलते हर व्यक्ति तक साफ पानी की पहुंच नहीं है। भारत भी इस समस्या से अछूता नहीं है,लेकिन भारत सरकार ने अपने सभी नागरिकों तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करने की ठानी है। सरकार ने इसके लिए जल जीवन मिशन की घोषणा की है,जिसके माध्यम से 2024 तक हर घर में पानी पहुंचाना है।

क्या है जल जीवन मिशन

15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2024 तक देश के सभी ग्रामीण घरों में पाइप से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन (जेजेएम) की घोषणा की। इस मिशन के तहत जिन इलाकों में पानी नहीं है,वहां हर घर में पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। इस मिशन को सरकार ने ‘हर घर जल योजना’ का नाम भी दिया है। सभी घरों में 2024 तक नल से पानी की आपूर्ति के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने के लिए ही सरकार द्वारा पिछले 21 महीने में, कोविड-19 महामारी से बार-बार आ रही बाधाओं और लॉकडाउन के बावजूद 4.25 करोड़ ग्रामीण घरों को नल से पानी का कनेक्शन प्रदान किया गया है।

2 साल पहले ही पा लेंगे लक्ष्य

प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने के लिए जल शक्ति मंत्रालय,जल आपूर्ति प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ काम कर रहा है, ताकि हर घर के लिए पानी वाले नल कनेक्शन का प्रावधान किया जा सके। पिछले साल के दौरान,महामारी के बावजूद जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया के साथ मिलकर पंजाब, हरियाणा,हिमाचल प्रदेश,जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों के साथ बैठक की थी। हर घर में पेयजल की आपूर्ति से इन क्षेत्रों के गांवों में रहने वाले 5 करोड़ से ज्यादा लोगों, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के जीवन में सुधार होगा। आवंटन में इस भारी वृद्धि और कार्यान्वयन की गति से, ये 5 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 2024 के राष्ट्रीय लक्ष्य से दो साल पहले ही, 2022 तक ‘हर घर जल’ का दर्जा हासिल कर लेंगे।

कैसे 2022 तक इन राज्यों/UT’s में होगा हर घर में जल-

हरियाणा

हरियाणा में, जल जीवन मिशन की घोषणा से पहले, 31.03 लाख घरों में से केवल 17.67 लाख (57%)घरों के पास पाइप से पानी का कनेक्शन था। जेजेएम के तहत 21 महीनों में, 10.24 लाख ग्रामीण घरों को नल से पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए। इसके साथ ही हरियाणा में नल से पानी के कनेक्शन की संख्या 33% बढ़ गई, अब 28.34 लाख (91.32%) ग्रामीण घरों को नल से पानी का आपूर्ति हो रही है। राज्य में 5,150 गांव, 68 ब्लॉक और 8 जिले ‘हर घर जल’ बन चुके हैं एवं 8 और जिलों में 90% से अधिक घरों में नल से पानी की आपूर्ति हो रही है।

हरियाणा ने 2021-22 तक 2.61 लाख घरों को और शेष 1.48 लाख घरों को 2022-23 में नल से पानी का कनेक्शन प्रदान करने की योजना बनाई है। इन 21 महीनों में, महामारी के बावजूद,जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन को तेज करने के लिए नियमित रूप से इन राज्यों का दौरा करना, समीक्षा करना और स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत करना जारी रखा। उन्होंने अधिकारियों से भी यह अपील की, गांवों में ‘कोई भी नहीं छूटना चाहिए’ और गांवों को 100% कवर किया जाए। आपको बता दें, जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा के लिए केंद्रीय आवंटन बढ़ाकर 1,119.95 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो कि 2020-21 से चार गुना ज्यादा है। इस आवंटन के साथ, राज्य ने 2,304.38 करोड़ रुपये निधि की उपलब्धता सुनिश्चित की है, जिसमें 2021-22 में राज्य का हिस्सा और अव्यय राशि शामिल है।

हिमाचल प्रदेश

जल जीवन मिशन की शुरुआत में, हिमाचल प्रदेश में 17.03 लाख घरों में से केवल 7.62 लाख (45%) घरों में नल से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था थी। इन 21 महीनों में, 5.45 लाख (32%) घरों को नल से पानी का कनेक्शन प्रदान किया गया। अब, हिमाचल प्रदेश में 13.08 लाख (76.7%) घरों को नल से पानी की आपूर्ति हो रही है और हिमाचल प्रदेश में 3 जिले, 11 ब्लॉक और 8,638 गांव ‘हर घर जल’ बन गए हैं। 2020-21 में कोविड-19 महामारी के बावजूद, हिमाचल प्रदेश में 3.80 लाख ग्रामीण घरों को नल से पानी का कनेक्शन प्रदान किया गया। हिमाचल प्रदेश ने 2.08 लाख घरों को 2021-22 में और शेष 1.94 लाख घरों को 2022 में नल से पानी का कनेक्शन प्रदान करने की योजना बनाई है। राज्य ने सभी 18,079 गांवों के प्रत्येक ग्रामीण घर को 2022 तक नल से पानी की

आपूर्ति देने की योजना बनाई है।इस लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्य की मदद के लिए, 2021-22 में हिमाचल प्रदेश में जल जीवन मिशन के लिए केंद्रीय आवंटन बढ़ाकर 1,262.78 करोड़ रुपये कर दिया गया है जो कि 2020-21 में 326.2 करोड़ रुपये था और इसमें से 315.7 करोड़ रुपये राज्य के लिए जारी कर दिए गए हैं।
पंजाब

जल जीवन मिशन की शुरुआत में, पंजाब में केवल 16.78 लाख (48%)ग्रामीण घरों में नल से पानी की आपूर्ति होती थी। पिछले 21 महीनों में, 9.97 लाख ग्रामीण घरों को नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इसके 28.7% बढ़ने के साथ, पंजाब में अब 26.75 लाख (77%)ग्रामीण घर नल से पानी की आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं। जेजेएम के तहत, 2021-22 में 8.87 लाख घरों को नल से पानी की आपूर्ति की योजना बनाई गई है।

सभी ग्रामीण घरों को नल के पानी की उपलब्धता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 1,656.39 करोड़ रुपये के केंद्रीय आवंटन को मंजूरी दी है, जो 2020-21 से 4.5 गुना अधिक है। 2019-20 में, पंजाब के लिए केंद्रीय आवंटन 227.46 करोड़ रुपये था, जिसे 2020-21 में 362.79 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया था। कम खर्च की वजह से, राज्य पिछले साल कोई केंद्रीय अनुदान नहीं ले सका और 362.79 करोड़ रुपये का सम्पूर्ण आवंटन वापस कर दिया। इस केंद्रीय आवंटन, बचे हुए धन और राज्य के हिस्से को मिलाकर, राज्य के पास जल जीवन मिशन के लिए 3,533.5 करोड़ रुपये हैं। 2022 तक सभी ग्रामीण घरों को नल का पानी प्रदान करने हेतु जल आपूर्ति परियोजना पूरी करने के लिए राज्य के पास वित्त की कोई कमी नहीं है।

जम्मू और कश्मीर

जल जीवन मिशन की घोषणा से पहले, जम्मू और कश्मीर के 18.16 लाख ग्रामीण घरों में से केवल 5.75 लाख (31%) घरों के पास पाइप के पानी की आपूर्ति होती थी। इन 21 महीनों में, कोविड-19 महामारी, लॉकडाउन और बाधाओं के बावजूद, 4.30 लाख (23.69%) घरों को नल के पानी का कनेक्शन प्रदान किया गया। जम्मू और कश्मीर में अब 10.05 लाख (55.7%) ग्रामीण घरों को नल के पानी की आपूर्ति होती है।

जम्मू और कश्मीर ने 4.91 लाख घरों को 2021-22 में और 3.27 लाख घरों को 2022-23 में नल के पानी का कनेक्शन प्रदान करने की योजना बनाई है। सभी ग्रामीण घरों को 2022 से पहले नल के पानी की उपलब्धता में इस केंद्र शासित प्रदेश मदद के लिए, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने केंद्रीय अनुदान को बढ़ाकर 2,747.17 करोड़ रुपये कर दिया है, जो 2020-21 से चार गुना ज्यादा है।

लद्दाख

जल जीवन मिशन की शुरुआत में, लद्दाख में केवल 1,414 (3.2%)घरों के पास नल के पानी की आपूर्ति की सुविधा थी। जेजेएम के तहत 21 महीनों में 2,760 (6.4%) घरों को नल के पानी का कनेक्शन प्रदान किया गया है। कठिन क्षेत्र, प्रतिकूल मौसम और दूर-दूर बसी बस्तियों जैसी चुनौतियों के बावजूद भी, लद्दाख ने 28,788 घरों को 2021-22 में और 11,568 घरों को 2022-23 में नल के पानी का कनेक्शन देने की योजना बनाई है। अपने घर में नियमित तौर पर नल के सुरक्षित पानी की आपूर्ति की लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने केंद्रीय आवंटन को 1,429.96 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है, जो 2020-21 के मुकाबले 4 गुना ज्यादा है।

कहां-कहां पहुंच चुका है हर घर में जल

जल जीवन मिशन की घोषणा के समय, देश में केवल 3.23 करोड़ (17%) ग्रामीण घरों के पास नल से पानी की आपूर्ति होती थी। इस समय में गोवा, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुडुचेरी ‘हर घर जल’ राज्य/केंद्रशासित बन गए हैं अर्थात इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हर ग्रामीण घर में नल से पानी की आपूर्ति हो रही है। देश के 62 जिलों, 746 ब्लॉक और 91 हजार से ज्यादा गांवों में अब हर घर में नल के पीने योग्य पानी की आपूर्ति हो रही है।

महामारी के बावजूद इन राज्यों में प्रगति हुई

जल जीवन मिशन के तहत 21 महीनों में, इन 5 उत्तर-पश्चिम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 29.28 लाख से ज्यादा नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए। 15 अगस्त 2019 को जेजेएम की घोषणा के वक्त, इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में केवल 47.84 लाख ग्रामीण घरों में नल से पानी की आपूर्ति होती थी। इन उत्तर-पश्चिम भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जल जीवन मिशन ने लाखों लोगों, खासकर महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी बेहतर की है।

स्कूल-आंगनबाड़ी भी जुड़े नल जल योजना से

आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों के लिए पीने का साफ पानी सुनिश्चित करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक 100 दिवसीय अभियान की घोषणा की, जिसे 2 अक्टूबर, 2020 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया द्वारा लॉन्च किया गया। उत्तर-पश्चिम भारत में तीनों राज्य,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश और पंजाब ने सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल के पानी के कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए हैं। आशा है कि जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख इसे जल्द ही पूरा कर लेंगे।

2022 में देश मनाएगा आजादी के 75 वर्ष

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ‘सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास’ पर जोर दिया है। गांव के सभी घरों में नल के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित के प्रयास वाला जल जीवन मिशन इस सिद्धांत के बेहतरीन उदाहरणों में से एक है। 2022 में, जब भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष का जश्न मनाएगा, तब प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का सभी घरों को नल के सुरक्षित पानी की आपूर्ति का विजन हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में सच हो जाएगा। राष्ट्र द्वारा ‘आज़ादी का अमृत-महोत्सव’ का जश्न मनाने वाले साल में इस क्षेत्र की लाखों महिलाओं और लड़कियों को यह उचित उपहार होगा।

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