उत्तर प्रदेश बना ”एक्सप्रेस प्रदेश”

उत्तर प्रदेश बना ”एक्सप्रेस प्रदेश”

-देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाला राज्य

लखनऊ।उत्तर प्रदेश के लिए आज मंगलवार का दिन मंगल घड़ी वाला साबित हुआ है। खासतौर से पूर्वांचल के लिए यह दिन और भी खास रहा क्योंकि आज ही इस क्षेत्र के लिए तरक्की के गेट में गति और प्रगति के प्रवेशद्वार का लोकार्पण किया गया है। दरअसल,आज ‘पूर्वांचल एक्सप्रेस वे’ का लोकार्पण किया गया है। इसी के साथ इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई। अब उत्तर प्रदेश की पहचान ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में होने लगी है क्योंकि उत्तर प्रदेश आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे वाला राज्य बन गया है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सबसे अधिक विकास हुआ है। आज उत्तर प्रदेश में 81 हजार करोड़ की लागत से फ्रेट कॉरिडोर, 7,725 करोड़ की लागत से ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक एंड ट्रांसपोर्ट टर्मिनल, 30274 करोड़ की लागत से रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, जेवर में 20 हजार करोड़ रुपए की लागत से नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट,1 लाख 71 हजार करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली-जेवर-वाराणसी हाई स्पीड रेल लिंक परियोजना, 20 हजार करोड़ रुपए निवेश से डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण मिशन मोड में चल रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे विकास की इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए कनेक्टिविटी पहला जरूरी कदम है जिससे देश विदेश के निवेशक भी आकर्षित होते हैं। साथ ही साथ स्थानीय रोजगार एवं उद्योग को बढ़ावा मिलता है।

यूपी को मिला 341 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे शुरू

करीब 341 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे पूर्वी और पश्चिमी यूपी को यानि गाजीपुर को लखनऊ से जोड़ेगा जो महज 36 महीनों में बनकर तैयार हुआ है। तीन बड़े एक्सप्रेस वे यमुना एक्सप्रेस वे,आगरा एक्सप्रेस वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे इसके एक छोर से दूसरी छोर यानि कि गाजीपुर से नोएडा तक सीधे जोड़ रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के बनने से गाजीपुर से लखनऊ का सफर अब महज 4 घंटे में पूरा हो पाएगा। यानि जो सफर पहले झंझटों और थकान भरा हुआ करता था,अब वह बेहद आसान और आरामदेह तरीके से कम वक्त में पूरा होगा।

इन मार्गों के जरिए उत्तर प्रदेश बना ”एक्सप्रेस प्रदेश”

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ के चांद सराय से शुरू होकर गाजीपुर तक पहुंचेगा। यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के 9 जिलों को आपस में जोड़ने का काम करेगा जिनमें लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर शामिल हैं। केवल इतना ही नहीं एक्सप्रेस वे पर हर पुलिस चौकी के पास हेलीपैड मौजूद होगा। महज इतना ही नहीं 341 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे पर बैटरी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए यूपी सरकार ने निशुल्क भूमि, हर पैकेज पर दो एंबुलेंस की गाड़िया दी हैं। हर पैकेज पर 112 की गाड़ियां मौजूद रहेंगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एक्सप्रेस वे पर 100 किलोमीटर की स्पीड पर वाहन चलेंगे। यह एक्सप्रेस वे वर्तमान में 6 लेन का बनाया गया है। इस एक्सप्रेस वे पर 18 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवरब्रिज, 7 दीर्घ सेतु, 104 सेतु, 13 इंटरचेंज, 5 रैम्प प्लाजा, 271 अंडरपास और 525 पुलिया व 8 पेट्रोल पंप का निर्माण कराया गया है। आगे चलकर मार्ग पर सीएनजी स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा। साथ ही साथ एक्सप्रेस वे के किनारे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिचार्ज स्टेशन भी बनाएं जाएंगे। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के शुरू होने से अपेक्षाकृत पिछड़े इलाके पूर्वांचल को विकास के पंख लग गए हैं। इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होते ही पूर्वांचल के लोगों की आंखों में विकास की उम्मीद नजर आने लगी है। दरअसल, अब मार्ग के जरिए नजदीकी क्षेत्रों में उद्योगों के विकास के साथ शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्थान, वाणिज्यिक केंद्र खुलने से विकास के साथ रोजगार की नई राह भी खुलेगी।

लड़ाकू विमान भी उतर सकते हैं

सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर 3.2 किलोमीटर लंबा रनवे बनाया गया है। इस पर लड़ाकू विमान भी उतर सकते हैं। आपातकालीन आवश्यकता पड़ने पर इस मार्ग पर एयरफोर्स के लड़ाकू विमान भी लैंड कर सकते हैं। वहीं मार्ग पर 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गाजीपुर से राजधानी दिल्ली तक का सफर 10 घंटे में किया जा सकेगा। महज साढ़े तीन साल में 22,500 करोड़ रुपए की लागत से इस एक्सप्रेस वे का निर्माण किया गया है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे बन

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