अधिकारी बनकर करते थे लोगों को कॉल,दो गिरफ्तार

अधिकारी बनकर करते थे लोगों को कॉल,दो गिरफ्तार

नई दिल्ली। लोन दिलाने और पॉलिसी मैच्योरिटी की रकम के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गैंग का साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। साइबर सेल ने कविनगर पुलिस के साथ मिलकर गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, चेकबुक, आधार व पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी बीते 7 सालों से लिंकरोड थानाक्षेत्र स्थित पैसेफिक मॉल में ठगी का कॉल सेंटर चला रहे थे। गैंग के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

साइबर सेल के नोडल अधिकारी एवं सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि कविनगर थानाक्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने लोन दिलाने के नाम पर अपने साथ हुई ठगी की शिकायत की थी। जिसके आधार पर साइबर सेल की टीम ने आरोपियों को ट्रेस कर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में बक्सर, बिहार निवासी राघो उर्फ राघव और सिंभावली हापुड़ निवासी शिवकुमार शामिल हैं। सीओ का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के नाम बताए हैं। जिनके आधार पर उन्हें भी पकडऩे का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पैसेफिक मॉल में ठगी का कॉल सेंटर चला रहे थे।

बीते 7 सालों में इन्होंने हजारों लोगों से 10 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने की बात कबूली है। आरोपियों के एक बैंक खाते में पुलिस को 60 लाख रुपए की रकम जमा मिली है। खाते को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। नोडल अधिकारी अभय मिश्र ने बताया कि मॉल स्थित दफ्तर से आरोपी लोगों को कॉल करते थे। वह खुद को एसएसजी मैनेजमेंट और आरएस सर्विसेज का अधिकारी बताते थे। लोगों को करोड़ों रुपए का लोन दिलाने और पॉलिसी मैच्योरिटी की रकम फटाफट दिलाने का झांसा देकर आरोपी अपने खातों में उनसे रकम ट्रांसफर करा लेते थे।

फर्जी आईडी पर सिम और फर्जी पते पर खुलवाते थे बैंक खाता
पुलिस का कहना है कि आरोपी राघो उर्फ राघव गैंग के लिए फर्जी आईडी पर सिम खरीदने और फर्जी पते पर बैंक खाते खुलवाने का काम करता था। जबकि शिवकुमार फर्जी कॉल सेंटर का संचालन करने के साथ साथ फर्जी बैंक खातों के एटीएम और नेटबैंकिंग का लॉगइन अपने पास रखता था। खातों से पैसा निकालने और पैसा अन्य खातों में ट्रांसफर करने का काम भी शिवकुमार का ही था। सीओ ने बताया कि दोनों आरोपी बीए पास हैं। नौकरी न लगने पर आरोपियों ने ठगी का धंधा शुरू कर दिया था। ठगी के धंधे से मोटा पैसा कमाने के बाद आरोपियों ने मॉल में अपना दफ्तर भी बना लिया था।

Share