पं० दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी वृन्दावन में शुरू

पं० दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी वृन्दावन में शुरू

– पंडित जी राजनीति में रहते हुए भी संत थे- रामलाल
– पंडित जी के अन्तोदय के विचार को प्रधानमंत्री मोदी ने साकार किया- डॉ० एस पी सिंह बघेल

वृन्दावन (मथुरा)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की विशिष्ट पहचान थी कि वह राजनीति में रहते हुए भी कभी भी राजनैतिक व्यक्ति नहीं रहे। वह राजनीति में रहते हुए भी संत थे,यह कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
उक्त विचार रामलाल,अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता,महान कर्मयोगी पं० दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्मशती के उपलक्ष्य में पं० दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय अध्ययन केंद्र भवन केशव धाम वृन्दावन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुयायियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के एकात्म मानव दर्शन के विचार में सब कुछ समाहित है। यह विचार तब आया जब विभिन्न देशों में व्यक्ति केंद्रित पश्चिम का एक विचार और दूसरा सत्ता केंद्रित वामपंथी विचार चल रहा था। तब पंडित जी ने एकात्म मानव दर्शन के रूप में अपना विचार समाज के सामने रखा। पंडित जी का व्यक्तित्व एवं विचार आज के लिए ही नही,बल्कि चिर कालीन है। यह विचार मात्र भारत के लिए ही नही सम्पूर्ण विश्व के लिए सार्थक है।

विशिष्ट अतिथि डॉ० एस०पी० सिंह बघेल,राज्य मंत्री,कानून एवं न्याय मंत्रालय,भारत सरकार ने कहा कि पंडित जी के अन्तोदय के विचार को आज सही मायने में जिसने साकार किया है तो वह व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने पंडित जी के अन्तोदय के विचार के अनुसार अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए शौचालय,निःशुल्क रसोई गैस,प्रधानमंत्री आवास,आयुष्मान योजना में पांच लाख तक निःशुल्क उपचार किसानों के लिए किसान निधि सम्मान आदि योजनाओं को लाभ देकर समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आगे लाने का कार्य किया है। राज्य मंत्री ने कहा कि पंडित जी भारतीय सभ्यता और संस्कृति के रक्षक थे। उनका अन्तोदयका तात्पर्य समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना था और उनके इस कार्य को मोदी जी ने अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के चेहरे पर खिलखिलाहट ला कर किया है।

मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रो० बलदेव भाई कुलपति,कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय,रायपुर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हमेशा सादा जीवन उच्च विचार को अपने अंतःकरण में अपनाया था। इसलिए वह महान है। कुलपति ने कहा कि एकात्म मानव दर्शन को जो मैंने समझा वह व्यक्ति से मनुष्य बनने की यात्रा है। हम दूसरों के लिए जीना सीखें यह उनका मौलिक चिंतन था। एकात्म मानव दर्शन वह है इसमें एक व्यक्ति जीतता है तो दूसरा हारता नहीं है। विशिष्ट अतिथि प्रो० दुर्ग सिंह चौहान,प्रतिकुलाधिपति,जी०एल०ए० विश्वविद्यालय,मथुरा ने पंडित जी के संस्मरण सुनाए। अध्यक्षीय उद्बोधन करते प्रो० के०एम०एल० पाठक,पूर्व कुलपति, उ.प्र.पं. दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान एवं गौ-अनुसंधान केन्द्र,मथुरा ने कहा कि सभी पंडित जी के विचारों को समझने का प्रयास करें।

विषय प्रवर्तन डॉ. रोशन लाल, उपाध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्मभूमि स्मारक समिति दीनदयाल धाम,फरह ने रखा। उदघाटन संबोधन अनूप कुमार गुप्ता,संगोष्ठी संयोजक एवं अतिथि परिचय सतीश अग्रवाल मंत्री केशवधाम ने रखा। धन्यवाद ज्ञापन नारायण दास अग्रवाल अध्यक्ष केशवधाम ने किया।

इससे पूर्व संगोष्ठी का शुभारंभ डॉ०एस०पी० सिंह बघेल राज्य मंत्री भारत सरकार, रामलाल अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं कार्यक्रम अध्यक्ष सहित सभी अतिथियों ने पंडित दीनदयाल एवं भारत माता के चित्रपट पर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन किया गया। सभी अतिथियों का पटका पहनाकर स्मृति चिन्ह और पौधा भेंट किया गया।

इस अवसर पर प्रांत प्रचारक हरीश,प्रांत कार्यवाह डॉ० प्रमोद शर्मा निदेशक ललित कुमार,निदेशक सोनपाल,विभाग प्रचारक गोविंद, राज्य मंत्री इस धर्मेश,सी बी गुप्ता, विधायक कारिंदा सिंह,मेयर मुकेश आर्यबन्धु,वीरेंद्र मिश्रा,प्रमोद चौहान,मुकेश शुक्ला,ब्रज प्रान्त सह मंत्री विहिप,डॉ० एस०के० राय,डॉ. तेजपाल,नवीन मित्तल,मनीष गुप्ता,अजय शर्मा, डॉ०आर०पी० सिंह, कमल कौशिक, डॉ० भोले सिंह, मीडिया प्रमुख मुकेश शर्मा,सतेन्द्र सिंह आदि एवं शोधार्थी वक्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठा० कारिन्दा सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय से संबंधित पुस्तकालय के लिए दस लाख रूपए विधायक निधि से देने की घोषणा की।

डॉ० एस०पी० सिंह बघेल,राज्य मंत्री, कानून एवं न्याय मंत्रालय,भारत सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय अध्ययन केंद्र केशवधाम स्थित पंडित जी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

मीडिया प्रमुख मुकेश शर्मा ने बताया है कि संगोष्ठी के दूसरे दिन रविवार को समापन सत्र होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में अर्जुन राम मेघवाल,राज्यमंत्री संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार,विशिष्ट अतिथि डॉ० मोहन लाल छीपा,पूर्व कुलपति,अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय, भोपाल उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता एवं मुख्य वक्ता प्रो.भगवती प्रसाद शर्मा,कुलपति,गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोयडा करेंगे।

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