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टायर माउंटिंग की तैयारियाँ : टायर को रिम पर फिट करने से पहले की जाने वाली सभी चीज़ें 

लेखक -राजीव कुमार, प्रमुख- एग्री सेल्स (डोमेस्टिक बिजनेस),बालकृष्ण इंडस्ट्रीज लि. (बीकेटी)

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एक किसान होना वाकई सबसे ज़्यादा समाधान देनेवाले कार्यों में से एक है। बंपर पैदावार प्राप्त करना खेती के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। जब आप सर्वश्रेष्ठ संभव पैदावार सुनिश्चित करना चाहते हैं तो विभिन्न तरह के कारकों को ध्यान में रख़ना होता है।

जहाँ एक ओर आपको प्रकृति से सबसे ज़्यादा सहायता की ज़रुरत होती है तो दूसरी ओर इसके साथ विभिन्न तरह की कई अन्य चीज़ें होती है जो आपको ध्यान में रखना ज़रुरी है खासकर जब आप सर्वश्रेष्ठ पैदावार प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हों।

खेती के अन्य पहलूओं की ही तरह एक महत्वपूर्ण बात जो आपको दिमाग में रखनी चाहिए वो यह है कि आप अपने ट्रैक्टर को सबसे योग्य स्थिति में रखें और जब आप उसका अधिकतम उपयोग करें तो जो काम उसके लिए रखा गया है उसे वो अच्छी तरह कर सके। इसी का एक महत्वपूर्ण पहलू है कि आप खेती में मदद के लिए किस तरह के टायर का इस्तेमाल करते हैं और इससे बहुत बड़ा फर्क पड़ सकता है।

टायर माउंटिंग (असेंबल करने) के कई पहलू हैं और ये बेहद विस्तृत लेकिन सभी खेती की गतिविधियों के लिए बेहद अनिवार्य प्रक्रिया है। जब खेती कर रहे हों तो इन सभी चीज़ों को ध्यान में रखना चाहिए। जबकि टायर माउंटिंग किए जाने की प्रक्रिया काफी विस्तृत हो सकती है लेकिन लंबे समय में ये एक ऐसी चीज़ है जो काफी फायदेमंद होती है।

आईए आपको समझाते हैं रिम पर टायर माउंट किए जाने के सर्वश्रेष्ठ तरीके क्या हैं :

1. निरीक्षण और सफाई: रिम की पहले सावधानीपूर्वक जाँच करें; धातु के ब्रश का इस्तेमाल कर अच्छी तरह से संपूर्ण सतह को साफ करें और इसकी स्थिति की जाँच करें। वेल्डिंग कर जोड़े गए रिम्स या फिर विकृत आकार के या क्षतिग्रस्त रिम्स का कभी इस्तेमाल न करें। टायर के बीड साफ होने चाहिए और ऐसे कोई तत्व फंसे नहीं होने चाहिए जिससे हवा निकल सके। यदि एक ऐसा टायर माउंट कर रहे हों जो पहले इस्तेमाल किया गया हो, तो सही तरीके से टायर को अंदर और बाहर से जाँच लें कहीं उसमें कोई संभावित क्षति तो नहीं है या फिर कोई एफएम के मरम्मत की ज़रुरत तो नहीं है।

2. निरीक्षण और वॉल्व माउंटिंग: एक बार निरीक्षण और सफाई की प्रक्रिया पूरी हो जाए तो रिम को माउंटिंग उपकरण पर रखें। टायर को रिम पर माउंट करने से पहले एक बात का ध्यान रखें कि इन्फ्लेशन वॉल्व योग्य तरीके से काम कर रहा है, इसकी जाँच करना अनिवार्य है। इसके साथ ही ये सलाह दी जाती है कि हर बार माउंटिंग करते समय हमेशा नए वॉल्व का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

3. टायर रिम और बीड को ल्यू ब्रिकेट करें: निरीक्षण के बाद एक नरम कटे हुए ब्रश के इस्तेमाल के साथ ल्यू.ब्रिकेंट को सतह पर फैला दें। विशिष्ट प्रकार के ल्यूनब्रिकेंट का इस्तेमाल केवल टायर माउंटिंग के लिए किया जाना चाहिए, इसे ध्यान में रखा जाए। सिलिकॉन या अन्य सॉल्वेन्ट आधारित पदार्थों का इस्तेमाल न करें।

4. सुरक्षा के उपाय – पहले टायर में एक बार तक हवा भरें (इन्फ्लेट करें) और बीड सही बैठा है या नहीं (सीटिंग) इसकी जाँच करें। एक बार यदि यह सही तरीके से बैठ गया हो केवल तभी टायर में बताए गए प्रेशर तक हवा भरें।

5. अंतिम जाँच आपके खेत में आप सर्वश्रेष्ठ टायर का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसे सुनिश्चित करने के लिए ये अंतिम कदम है। इस बात की जाँच करें कि दोनों ही टायर बीड्स रिम पर सही तरीके से बैठ गए हैं। मैन्यूफैक्चरर की अनुशंसा के अनुसार और जिस तरह के काम कराने का इरादा है,उन स्थितियों के मुताबिक टायर प्रेशर को एडजस्ट करें।

ऊपर बताए गए कदमों से टायर माउंटिंग योग्य तरीके से किया जाना सुनिश्चित हो सकता है और इससे आपको सर्वश्रेष्ठ तरीकों की पहचान होती है जो प्रत्येक किसान के खुशहाल और बंपर पैदावर के समय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। एक जबरदस्त पैदावार के लिए ये महत्वपूर्ण कदम हैं लेकिन मुश्किल भूभाग में आपको टायर बैलास्टिंग की संकल्पना को भी ध्यान में रखना चाहिए।

असमतल भूभाग में,खासतौर पर कृषि में, हाइवे के बाहर टायरों को ज़्यादा ट्रैक्शन (कर्षण/खिंचाव) की ज़रुरत होती है। प्रमुख ट्रैक्शन और भूभाग से ज़्यादा अवलम्बन और इसके साथ ही स्थिरता में सुधार (पार्शि्वक कड़ापन) हासिल करने के लिए लिक्विड बैलास्टिंग का इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है।

जब टायर को द्रव (लिक्विड) से भर रहे हों तो उसके आयतन (वॉल्यूम) के 75 प्रतिशत
से ज़्यादा न भरें ताकि टायर के आयतन के कम से कम 25 प्रतिशत एयर रिज़र्व मौजूद रहे। किसी भी सूरत में विशिष्ट टायर फीचर्स जैसे इलास्टिसिटी बनाए रखने के लिए ये महत्वपूर्ण है कि भार वहन करने की स्थिति के संदर्भ में टायर में मैन्यूफैक्चरर द्वारा बताए गए प्रेशर तक हवा भरी जाए।

ठंडे वातावरण वाले इलाकों में कैल्शियम क्लोराइड या मैग्नेशियम क्लोराइड जैसे एँटी फ्रीजि़ंग एजेंट डालने की सलाह दी जाती है। इस बात की महत्वपूर्ण रुप से सलाह दी जाती है कि इन ऑपरेशन्स को केवल पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा ही किया जाए।

जब खेती की जा रही हो तो प्रत्येक कारक किसान के पूर्ण नियंत्रण में नहीं होता। हालाँकि इन आसान पद्धतियों का अभ्यास कर किसान बंपर पैदावार की दिशा में एक कदम करीब पहुँचना सुनिश्चित कर सकता है। एक किसान को अपनी पैदावार पर गर्व होता है और वो अपनी फसल की देखभाल करने के लिए हर संभव प्रयास करता है। टायर माउंटिंग की इन उपयोगी सुझावों के ज़रिए हर कोई ये सुनिश्चित कर सकता है कि उसने अपने खेत के लिए सर्वश्रेष्ठ कर लिया है।

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