सीखने की कोई उम्र नहीं…बुजुर्गों ने पेश की अनूठी मिसाल

कहते हैं कि जीवन में लगातार सीखते रहें, क्योंकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। ये पंक्तियां यहां बिलकुल सटीक बैठती हैं। दरअसल, हाल ही में बुजुर्गों के लिए चलाया गया ‘तपोवाणी रेडियो’ इन दिनों खासा सुर्खियां बटोर रहा है। आपको जानकार हैरानी होगी कि इसमें 60 साल से लेकर 98 साल तक की उम्र के बुजुर्ग कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। इतनी उम्र होने के बावजूद ऐसा कर पाना कोई आसान काम नहीं है।

बुजुर्ग अपने श्रोताओं के लिए रेडियो कार्यक्रम कर रहे तैयार

तमिलनाडु में कोयंबटूर के तपोवन में रहने वाले बुजुर्गों के लिए यह रेडियो कोरोना काल में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान 60 साल से लेकर 98 साल तक की उम्र के ये बुजुर्ग अपने श्रोताओं के लिए कार्यक्रम तैयार करने में जुटे हुए हैं। तपोवन आश्रम में रहने वाले इन बुजुर्गों के लिए आकाशवाणी से सेवानिवृत्त 75 वर्षीय डॉ.श्रीधर ने वेबतपोवाणी रेडियो शुरू किया।

कोरोना काल में लोगों के मनोरंजन का साथी बना ‘तपोवाणी रेडियो’

यह रेडियो इन बुजुर्गों के लिए उस समय सहायक सिद्ध हुआ, जब कोरोना के चलते लोग अपने-अपने घरों में बंद थे। तपोवाणी रेडियो के कार्यक्रम की उद्घोषक उमा अंतराम कृष्णन बताती हैं कि कोविड के टाइम पर लोग अपने-अपने घरों में बंद हो गए थे। इसलिए उनकी मनोस्थिति एक प्रकार से डिस्टर्ब हो गई थी। ऐसे में प्रो.श्रीधर ने तपोवाणी रेडियो की शुरुआत की। इससे आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को भी बेहद खुशी हुई।

श्रोताओं के मनोरंजन के लिए कहानियां,गाने,भजन किए जा रहे प्रसारित

इस रेडियो पर श्रोताओं के मनोरंजन के लिए कहानियां,गाने,भजन व अन्य धार्मिक कहानियां पेश की जा रही हैं। यह अनूठा प्रयोग देखकर तपोवन के बुजुर्गों को भी बेहद अच्छा लग रहा है। दरअसल इसके जरिए बुजुर्गों की मनोस्थिति भी अब पहले से कहीं बेहतर हो गई है। ये सभी अपने बच्चों से दूर रहते हैं और इस प्रकार के प्रोग्राम के लिए उत्सुक रहते हैं।

तीन माह पहले शुरू हुआ था ‘तपोवाणी रेडियो’

तीन महीने पहले शुरू हुआ ये तपोवाणी रेडियो आज तमिलनाडु और उसके आसपास के राज्यों में प्रचलित हो चला है। हालांकि अभी इसमें 85 से ज्यादा कार्यक्रम हैं,जिसमें कहानियां गीत संगीत और भजन सब सुनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं बड़े-बड़े पदों पर आसीन लोगों के साक्षात्कार और डॉक्टर्स के साक्षात्कार भी यहां लिए गए हैं,जिससे अन्य लोगों को काफी फायदा पहुंच रहा है। अपने श्रोताओं के लिए कार्यक्रम तैयार कर ये बुजुर्ग काफी उत्साहित हैं।

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