विरोधियों को फंसाने के लिए स्कूल मैनेजर ने रचा था अपहरण का नाटक,पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे

विरोधियों को फंसाने के लिए स्कूल मैनेजर ने रचा था अपहरण का नाटक,पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे

फिरोजाबाद। विरोधियों को फसाने के लिए झूठे अपहरण का नाटक करने वाले स्कूल प्रबंधक रामप्रताप यादव को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद रविवार शाम को जेल भेज दिया।उसके अपहरण की घटना झूठी निकली।

थाना शिकोहाबाद क्षेत्र से बीते 25 फरवरी को स्कूल मैनेजर राम प्रताप यादव रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे। पुलिस उसकी लगातार खोजबीन कर रही थी।5 मार्च की शाम को विवादित स्कूल के मैनेजर रामप्रताप यादव अचानक से आगरा के बाह क्षेत्र के एक गांव में आ जाते हैं और एक व्यक्ति के द्वारा प्रबंधक के गांव में होने की सूचना डायल-112 पर दी जाती हैं। उसी दिन उक्त गांव में पहुंचकर पुलिस ने अपहृत स्कूल मैनेजर को सकुशल बरामद कर लिया था।  इस प्रकरण की जानकारी एसएसपी ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर मीडिया को दी थी।पूरे मामले के खुलासे को पुलिस लगातार इन्वेस्टिगेशन कर रही थी। पुलिस ने कथित अपहरण कांड का भंडाफोड़ कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया हैं। स्कूल मैनेजर के अपहरण की घटना,बरामदगी स्थल,बयान,गवाह आदि चीजें गलत पाई गई हैं।

रविवार शाम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडे ने इस मामले पर कहा कि थाना शिकोहाबाद क्षेत्रान्तर्गत से विगत 25 फरवरी को राम प्रताप यादव एक विवादित स्कूल के मैनेजर रहस्यमय ढंग से गायब हो गए थे। पुलिस ने उनकी पत्नी की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज करके जांच और राम प्रताप यादव की तलाश शुरू कर दी थी। पूरे मामले की इन्वेस्टिगेशन होती रही,उसी दरमियान विगत 5 मार्च की शाम को स्कूल प्रबंधक राम प्रताप यादव आगरा के बाह थाना क्षेत्रान्तर्गत के एक गांव में मिल गए और 112 पर सूचना दी,जिसके बाद पुलिस ने गांव में पहुंचकर उनको सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले के ठोस तफ्तीश की गई। स्कूल मैनेजर की बरामदगी का घटनास्थल आदि देखा गया। घटनास्थल का मौका मुआयना कराया गया।

रामप्रताप के बयानों में कई विरोधाभास थे।रामप्रताप की मेडिकल रिपोर्ट देखी गई। उनके मेडिकल में कोई इंजरी नहीं थी,जबकि वह जब लापता हुए थे,तो मौके पर काफी खून पड़ा हुआ था। इन सभी पहलुओं की गहनता से जांच कराई गई,तो यह मामला फर्जी पाया गया हैंऔर फर्जी मामले में कुछ धाराएं 177,182,183,193,195,200,203,420,211,120 (बी) आईपीसी की बढ़ोतरी कर अपहरण का ड्रामा करने वाले राम प्रताप यादव को ठोस सबूतों के साथ कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया हैं। इसमें 4 लोगों के और नाम प्रकाश में आए हैं,हो सकता है कुछ और नाम सामने आए। जिन लोगों ने पूरी योजना बनाकर अपने विरोधियों को फसाने के लिए और साथ ही साथ पुलिस के द्वारा गनर प्राप्त करने के लिए यह अपहरण का ड्रामा रचा गया और सात आठ दिनों तक पुलिस को परेशान किया। एसएसपी ने कहा कि किसी व्यक्ति को फर्जी मुकदमे में फंसा करके जेल भेजने की बदनियति ना पाले,षड्यंत्र करने वाले का पुलिस देर सवेर उसका पता लगा लेगी और उसको अपनी करनी का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

 

 

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