ग्रामीण भारत में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार हुई तेज

ग्रामीण भारत में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार हुई तेज

नई दिल्ली। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है कि भारत के कोविड -19 टीकाकरण अभियान ने अब ग्रामीण क्षेत्रों की ओर अपना रुख कर लिया है। पिछले तीन हफ्तों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हर 10 में से 6 से अधिक डोज ग्रामीण टीकाकरण केंद्रों में लगाए गए हैं।

17 लाख से बढ़कर लगभग 30 लाख हुआ दैनिक औसत
1 मई, जब पूरी वयस्क आबादी को टीकाकरण के लिए मान्य किया गया, से 23 जून के बीच, कुल डोज का केवल 51 प्रतिशत ग्रामीण भारत में लगाए गए थे। यह जानकारी केंद्र ने 26 जून को सुप्रीम कोर्ट को एक हलफनामे के माध्यम से दी थी। इस 54 दिनों की अवधि के दौरान देश के ग्रामीण भागों में कुल 9.61 करोड़ खुराक दी गई थी,अर्थात दैनिक औसत 17.81 लाख खुराक था।

पिछले तीन हफ्तों में ग्रामीण टीकाकरण में तेज उछाल देखा गया है। पिछले तीन हफ्तों में कुल 9.87 करोड़ खुराकों में से, 6.22 करोड़ खुराक ग्रामीण इलाकों में दी गई, जो कुल खुराक का 63% है। इसी का नतीजा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक औसत बढ़कर अब 29.66 लाख खुराक हो गया है।

यह बदलाव तीन प्रमुख कारणों से सार्वजनिक स्वास्थ्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। जैसा की हम जानते हैं महामारी की दूसरी लहर के दौरान,देश के ग्रामीण हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसी को देखते हुए तीसरी लहर के आने पर इन क्षेत्रों में टीकाकरण कवरेज में वृद्धि से मृत्यु दर और बीमारी की गंभीरता को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

दूसरा,टीकाकरण अभियान के पहले दो चरणों में,शहरी केंद्र टीकाकरण कवरेज पर हावी रहे लेकिन यह बदलाव अब पहले की तुलना में बेहतर इक्विटी का संकेत देता है।

तीसरा,ग्रामीण क्षेत्रों में इतने अधिक टीकाकरण से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि टीके को लेकर हिचकिचाहट लोगों में खत्म हो रही है। शुरुआत में, पहले कई ग्रामीण हिस्सों में टीके को लेकर हिचकिचाहट के कई किस्से सामने आए थे।

इन राज्यों में ग्रामीण टीकाकरण हुआ तेज
वर्तमान में, 11 राज्यों ने दो करोड़ से अधिक खुराकें लगाई हैं। इन राज्यों में पिछले दो हफ्तों के बारीक आंकड़े देखने पर ग्रामीण क्षेत्रों में टीके को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखता हैं। पिछले दो हफ्तों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इन 11 राज्यों में से छह राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय कवरेज, 63% से अधिक टीकाकरण कर रहे हैं। केरल, जिसने पिछले दो हफ्तों में 31.83 लाख खुराकें दी, जिसमें ग्रामीण इलाकों में 74 प्रतिशत टीके दिए गए। देश में सबसे अधिक 5.36 करोड़ खुराक टीकाकरण करने वाले उत्तर प्रदेश ने पिछले दो हफ्तों में 89.73 लाख खुराकें दी, जिनमें से 73 प्रतिशत ग्रामीण हिस्सों में थी, जबकि एक मई से 23 जून के दौरान यह महज 56 फीसदी थी।

बिहार ने पिछले दो सप्ताह में 48.69 लाख खुराकें लगाई, जिसमें ग्रामीण इलाकों में 72 प्रतिशत टीके दिए गए। यह 1 मई से 23 जून की अवधि की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत ज्यादा है। आंध्र प्रदेश ने पिछले दो हफ्तों में 38.71 लाख खुराकें दीं, जिसमें ग्रामीण इलाकों में 71 फीसदी दी गई हैं। मध्य प्रदेश में 68.05 लाख खुराक, जिसमें 69 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों को दी गई हैं, जो 1 मई से 23 जून की अवधि की तुलना में 24 % अधिक है। राजस्थान में 43.64 लाख खुराक लगाई गईं,जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 68 प्रतिशत खुराकें दी गईं।

ये 2 राज्य कर रहे हैं राष्ट्रीय औसत के अनुसार प्रदर्शन
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि इन 11 में से दो राज्य पिछले दो हफ्तों में राष्ट्रीय टीकाकरण दर की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात ने पिछले दो सप्ताह में 47.70 लाख खुराक दी, जिनमें से 62 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में है। इसी तरह,तमिलनाडु ने पिछले दो हफ्तों में 39.16 लाख खुराक दी, जिनमें से 60 प्रतिशत राज्य के ग्रामीण हिस्सों में लगाई गई हैं।

ये राज्य कर रहे हैं उम्मीद से कम प्रदर्शन
महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल,जिनमें मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और पुणे सहित बड़े शहरी केंद्र हैं। इन राज्यों में ग्रामीण कवरेज राष्ट्रीय औसत से थोड़ा कम हो रहा है। कर्नाटक ने पिछले दो सप्ताह में 38.10 लाख खुराकें दी,जिनमें से 56 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में थी। वहीं महाराष्ट्र में 51.55 लाख खुराक दी गई उसमें 48 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में दी गई और पश्चिम बंगाल 41.62 लाख खुराक दी गई,जिसमें 49 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में दी गई हैं।

 

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