राज्यपाल व मुख्यमंत्री का मिला संग,बच्चों के चेहरे का खिला रंग

राज्यपाल व मुख्यमंत्री का मिला संग,बच्चों के चेहरे का खिला रंग

-हर बच्चों के खाते में पहुंचे 12 हजार रूपये  
-फिरोजाबाद में 57 बच्चों को मिला योजना का लाभ
-लाभार्थी बच्चों के संरक्षकों के बैंक खाते में 4.86 करोड़ की राशि का अंतरण

फिरोजाबाद। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साथ पाकर बृहस्पतिवार को सूबे के उन 4050 बच्चों का दुःख-दर्द हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो गया जो कोविड-19 के चलते अपने माता-पिता दोनों या किसी एक को खोकर अपने को अनाथ और असहाय महसूस कर रहे थे । वक्त था राजधानी के लोक भवन सभागार में इन्हीं बच्चों के संरक्षण,शिक्षा और सुरक्षा को लेकर शुरू की गयी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के विधिवत शुरुआत का । योजना से लाभान्वित होने वाले बच्चों में 240 ऐसे बच्चे हैं,जिन्होंने माता-पिता दोनों को खोया है जबकि 3810 बच्चों ने दोनों में से किसी एक को खोया है ।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बटन दबाने के साथ ही योजना के लाभार्थी बच्चों के वैध संरक्षकों के बैंक खाते में उनके संरक्षण और देखभाल की राशि का अंतरण हो गया । 4.86 करोड़ की राशि के अंतरण के साथ ही लाभार्थी बच्चों के खाते में चार हजार रूपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन महीने की अग्रिम राशि के रूप में 12 हजार रूपये पहुँच गए ।

फिरोजाबाद की जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या ने बताया कि इस मौके पर जनपद में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा चिन्हित 57 बच्चों / लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। जिसमें 52 बच्चे एकल अभिभावक वाले बच्चे व पांच अनाथ बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आज ही जनपद के उक्त 57 लाभार्थियों को 4000 प्रति माह रूपये बच्चे की दर से 3 माह का 12000 रूपये प्रति बच्चे की दर से भुगतान कर दिया गया। उक्त कार्यक्रम में महापौर नूतन राठौर,उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन चतुर्वेदी,जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह,मुख्य विकास अधिकारी चर्चित गौड़,जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ प्रज्ञा शंकर,जिला कार्यक्रम अधिकारी आभा सिंह,जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्य उपस्थित रहे।

समुदाय की भी सहभागिता जरूरी :

कार्यक्रम में राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि इन बच्चों की मदद में समुदाय की सहभागिता भी बहुत ही जरूरी है। इन बच्चियों की शादी में अगर समुदाय से कोई डिनर सेट,कोई गैस सिलेंडर तो कोई कोई चूल्हा और कोई पंखा दे दे तो इनकी बड़ी मदद होगी। सरकार तो अपना काम कर ही रही है,आप लोग भी इन बच्चों का ख्याल रखें और हरसंभव मदद पहुंचाएं। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने टीबी ग्रसित बच्चों की मदद की शुरुआत की थी,जिसे देखकर बहुत से संस्थाएं व अधिकारी आगे आये और इन बच्चों को गोद लेकर टीबी की बीमारी से मुक्ति दिलाई। इसी तरह राजभवन में रह रहे बच्चों के लिए कम्प्यूटर सेंटर खुलवाकर उन्हें ट्रेनिंग दिलवा रही हूँ,ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सकें। राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वह इन 4050 बच्चों को गोद लेकर उनकी पूरी परवरिश की जिम्मेदारी निभाएं। इसके साथ ही इनमें से दो बच्चों को गोद लेने की उन्होंने इच्छा भी जताई ।

क्या है योजना :

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार स्वाति सिंह ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि योजना की श्रेणी में आने वाले शून्य से 18 साल के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। योजना के तहत चिन्हित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए 1.01 लाख (एक लाख एक हजार रूपये) दिए जाएंगे । श्रेणी में आने वाले कक्षा-9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल तक के बच्चों को टैबलेट/लैपटॉप की सुविधा दी जाएगी।
Share