चूड़ी जुड़ाई की दरों में बढ़ोतरी का शासनादेश जारी-असीजा

चूड़ी जुड़ाई की दरों में बढ़ोतरी का शासनादेश जारी-असीजा

फिरोजाबाद। नगर विधायक मनीष असीजा का कहना है कि लम्बे समय से प्रतीक्षित चूड़ी जुड़ाई की दरों में बढ़ोतरी का शासनादेश जारी हो गया है।जिसमें चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों को 30 रुपये प्रति सैकड़ा की दर एवं प्रति 14 तोड़ा पर 1 लीटर मिट्टी का तेल दिया जाएगा।

विधायक ने कहा कि फिरोजाबाद में चूड़ी जुड़ाई की प्रक्रिया में लगे कुशल अर्धकुशल एवं अकुशल श्रमिकों के आधार पर उनकी मात्रानुपाती दरों को अलग अलग काम के हिसाब से तय किया गया है,जिससे प्रत्येक काम विशेष को करने वाले श्रमिक को अपने मेहनताने की धनराशि पता हो और कोई बिचौलिया उसके हिस्से को घटा बढ़ा न सके। फिरोजाबाद के 70-80 वर्ष पुराने परंपरागत काँच चूड़ी उत्पादन में अति महत्वपूर्ण चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के पारिश्रमिक एवं वार्षिक वृद्धि के लिए कोई ठोस फार्मूला व सिद्धांत नहीं था।

इसके चलते चूड़ी जुड़ाई मजदूरों की स्थिति बहुत खराब हालत में पहुँच गयी थी। बिचौलियों के द्वारा सीधे-सीधे चूड़ी जुड़ाई के काम में लगे श्रमिकों के पारिश्रमिक को मनचाहे तरीके से घंटा-बढ़ा दिया जाता था और सेवायोजक (कारखानेदार)के पास दिया गया भुगतान जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले श्रमिक भाई/बहनों के पास नहीं पहुंच पाता था। इसके कारण पिछले वर्षों में कई बार गतिरोध,धरना प्रदर्शन एवं काम बंद हड़ताल जैसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती थीं। औद्योगिक अशांति के ऐसे समय में चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़े व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता था। इस दौरान मध्यस्थ बिचौलिये नेता और अधिकारियों के गठजोड़ से ऐसे निर्णय लिये जाते रहे जिससे परिस्थितियां खराब होती चली गयी।विधायक असीजा ने कहा कि नगर की 3-5 लाख जनसंख्या चूड़ी जुड़ाई के काम में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगी हुई है। इसमें अधिकांश अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग से जुड़े चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के समस्त परिवार पूरे दिन जुटे रहने के बावजूद समुचित मानदेय न मिलने के कारण बड़ी संख्या में चूड़ी जुड़ाई कार्य से श्रमिक इस कार्य छोड़ने को मजबूर हो गये हैं।इन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री,श्रम मंत्री,प्रमुख सचिव श्रम विभाग,श्रम आयुक्त कानपुर से लेकर विधानसभा में विभिन्न नियमों में इस ज्वलंत मुद्दे पर पैरोकारी की गयी। शासन के द्वारा टाइम एंड मोशन स्टडी कराई गई जिसमें चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों का कुशल अर्धकुशल एवं अकुशल वर्गीकरण एवं कार्य में लगने वाले श्रमिकों का मानदेय का अध्ययन टीम भेज कर कराया गया। 70-80 वर्ष के इतिहास में इस समस्या के समाधान के लिये उप्र शासन के द्वारा चूड़ी जुड़ाई मजदूर,उद्योगपति तथा श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ एक त्रिपक्षीय समिति का गठन किया गया। इस त्रिपक्षीय कमेटी में विभिन्न संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को स्थान देते हुए पूरे कार्य में निष्पक्षता तथा पारदर्शिता की भावना को महत्व देने का कार्य किया गया।

 

 

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