गिरोह श्मशान घाट और कब्रिस्तान से कफन चुराता और बाजार में बेच देता था

गिरोह श्मशान घाट और कब्रिस्तान से कफन चुराता और बाजार में बेच देता था

उत्तर प्रदेश।कोरोना आपदा का फायदा उठाने से लोग बाज नही आ रहे हैं। बागपत जिले से मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली खबर आ रही है। यहां एक गिरोह श्मशान घाट और कब्रिस्तान से कफन चुराता और बाजार में बेच देता था।

पुलिस ने इस गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। श्मशान और कब्रिस्तान से कफन चुराकर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना बागपत जिले की बड़ौत तहसील क्षेत्र की है। कोविड संक्रमण के चलते मौत का आंकड़ा पूरे देश में बढ़ रहा है। श्मशान और कब्रिस्तान में जगह कम पड़ रही है,ऐसे में चंद पैसों के लालची लोगों ने दो गज कफन को भी नही छोड़ा।

बागपत के डिप्टी एसपी आलोक सिंह ने बताया कि उन्हें शिकायत मिल रही थी कि एक गैंग कफन चुराकर बाजार में बेच रहा है। इस शिकायत पर पुलिस एक्टिव हुई। श्मशान घाट और कब्रगाह के आसपास मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एक कपड़ा व्यापारी समेत उसके अन्य साथी मिलकर श्मशान घाट,कब्रिस्तान से मुर्दों के कफ़न व चादर आदि कपड़ों को चुरा लेते थे। यही नहीं उन वस्त्रों को चुराकर प्रेस करके नए बनाते और फिर उस पर ग्वालियर कम्पनी का मार्का/स्टीकर व रिबन लगाकर बाजार में बेचा जाता था।

इस गैंग से मिली जानकारी के मुताबिक यह गैंग पिछले 10 वर्षों से यह काम कर रही थी। इस गैंग का सरगना कपड़ा व्यापारी प्रवीण जैन था। जो गैंग में जुड़े कपड़े चुराने वाले सदस्यों को प्रतिदिन 300 रुपए की मजदूरी देता,कफन चोरी करने वाला गैंग 24 घंटे सक्रिय रहता था।

बड़ौत पुलिस ने कपड़ा व्यापारी प्रवीण जैन समेत उसके बेटे आशीष जैन, भतीजा ऋषभ जैन व अन्य राजू शर्मा, श्रवण शर्मा, बबलू कश्यप, शाहरुख खान कुल 7 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के पास 520 सफेद व पीली चादर, 127 कुर्ता, 140 सफेद कमीज, 34 सफेद धोती, 12 गर्म शाल रंगीन, 52 धोती महिला, 3 रिबन के पैकेट, 158 रिबन ग्वालियर, 1 टेप कटर, 112 ग्वालियर कम्पनी के स्टिकर भी बरामद किए हैं।

पुलिस गिरफ्त में आए अभियुक्तों पर धारा 188/ 269/ 270/ 457/380/ 411/420/467/468/471 व महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।फिलहाल पुलिस ने कपड़ा व्यापारी की दुकान को सील कर दिया है। लेकिन कफन के इन सौदागरों ने कोविड-19 महामारी के चलते भी कफन चुराकर बाजार में बेचें होंगे और न जाने चंद पैसों की खातिर कितनों और लोगों को कफन में लपेट दिया होगा।

 

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