लग्जरी गाडिय़ों को चुराकर देश के विभिन्न राज्यों में बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश

लग्जरी गाडिय़ों को चुराकर देश के विभिन्न राज्यों में बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश

नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर क्षेत्र से ऑन डिमांड लग्जरी गाडिय़ों को चुराकर देश के विभिन्न राज्यों में बेचने वाले गैंग का सिहानी गेट पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के सरगना समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर दिल्ली से चुराई गई कार, फर्जी आरसी, हथियार, तमाम मास्टर चाबियां और औजार बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद कार को आरोपी पश्चिमी बंगाल में बेचने जा रहे थे। इसी दौरान इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

एसएचओ सिहानी गेट देवपाल सिंह पुण्डीर ने बताया कि पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर चेकिंग के दौरान मालीवाड़ा चौराहे के पास से कार सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान फरीदाबाद निवासी आफताब उर्फ बंटी, कोलकाता निवासी इरफान, ओखला नई दिल्ली निवासी अरसद खान और हसनपुर अमरोहा निवासी मुस्तफा के रूप में हुई है। एसएचओ का कहना है कि पकड़े गए सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। सभी पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। अरसद खान गैंग का सरगना है।

ऑन डिमांड गाडिय़ां चोरी करता था गैंग, पुलिस से बचने को सरगना बताता था खुद को पत्रकार
पुलिस की मानें तो आरोपी ऑन डिमांड गाडिय़ों को चुराते थे। चोरी की गई गाडिय़ों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर उनकी नई फर्जी आरसी तैयार कर देते थे। इसके बाद गैर राज्यों में बैठे गैंग के अन्य सदस्यों की मदद से इन गाडिय़ों को मंहगे दामों में बेच दिया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रास्ते में पुलिस से बचने के लिए गैंग सरगना खुद को पत्रकार बताता था और पुलिस को गुमराह कर बच निकलता था। चोरी की गाडिय़ों पर पुरानी गाडिय़ों के नंबर डालना और उसके मुताबिक पेपर तैयार करने का जिम्मा भी अरसद खुद ही संभालता था। आरोपियों ने 50 से अधिक गाडिय़ां चुराकर गैर राज्यों में बेचने की बात कबूल की है।

कोलकाता में बैठा आका देता था साथियों को दिशा-निर्देश
एसएचओ देवपाल सिंह का कहना है कि गैंग के सरगना को कोलकाता में बैठा उसका आका सोनू घोष उर्फ बप्पा गाड़ी चुराने और उसके नंबर बदलने के लिए दिशा निर्देश देता था। वही कोलकाता से बताता था कि उन्हें कौन सी गाड़ी और किस रंग की गाड़ी चुरानी है। इसके बाद चोरी की गाड़ी के इंजन व चेसिस पर कौन सा नंबर टैम्पर्ड करना है। आका के दिशा निर्देश पर ही गैंग के सदस्य गाड़ी चुराने और नंबर बदलने का काम करते थे। एसएचओ ने बताया कि सोनू घोष समेत गैंग के तीन सदस्य अभी फरार हैं। उन्हें भी पकडऩे का प्रयास किया जा रहा है।

 

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