यूरोप के साथ देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे-PM नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली।भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का 15 जुलाई को आयोजन किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सम्मेलन में कहा कि इस वार्ता से यूरोप के साथ देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।

पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना वायरस के कारण हमें मार्च में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन को स्थगित करना पड़ा था। अच्छी बात है कि आज हम वर्चुअल माध्यम से मिल पा रहे हैं।’

पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में आगे कहा, ‘आज हमारे नागरिकों की सेहत और समृद्धि, दोनों ही चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।रूल्स बेस्ड इंटरनेशनल ऑर्ड पर कई तरह के दबाव हैं। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के हमारे प्रयत्नों में हम यूरोप के निवेश और टेक्नोलॉजी को आमंत्रित करते हैं। मैं आशा करता हूं कि इस वर्चुअल समिट के माध्यम से हमारे संबंधों को गति मिलेगी।मैं आपसे बात करने के इस अवसर के लिए पुनः प्रसन्नता व्यक्त करता हूं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘आपके शुरुआती रिमार्क्स के लिए धन्यवाद। आप की तरह मैं भी भारत और EU के संबंधों को और विस्तृत और गहरा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।इस के लिए हमें एक दीर्घ-कालीन रणनीति को अपनाना चाहिए।’हम दोनों ही लोकतंत्र,बहुलवाद,समावेशिता,अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के लिए सम्मान,बहुपक्षवाद,स्वतंत्रता,पारदर्शिता जैसे सार्वभौमिक मूल्य साझा करते हैं।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘इसके साथ-साथ एक एजेंडा भी बनाना चाहिए,जिसे निर्धारित समय-सीमा में कार्यान्वित किया जा सके।भारत और EU नेचुरल पार्टनर हैं। हमारी पार्टनरशिप विश्व में शांति और स्थिरता के लिए भी उपयोगी है। यह वास्तविकता आज की वैश्विक स्थिति में और भी स्पष्ट हो गई है।एजेंसी