मिलावटी कैफे ताजनगरी का टेक्नोलॉजी कैफे बन गया, खाद्य विभाग के मानकों को बनाए रखा जा रहा है

साजिद खान

आगरा। भले ही खाध एवं औषधि प्रशासन लाख दावे कर ले मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लेकिन शहर में अब भी मिलावटी माफियों का राज है। बशर्ते खाध एवं औषधि प्रशासन आंखे मूंद बैठा है। इसी की बानगी थाना हरिपर्वत स्थित संजय पैलेस पर देखने को मिल रही है। यहां टीलॉजी कैफ़े नाम का एक कैफ़े बना हुआ है। यहां ज़्यादातर स्कूल, कॉलेज के छात्र छात्राएं आते है।
इन्हें पता नही होता है कि वह यहां जो खा रहे है वह स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डालता है। दरअसल शशांक जैन नाम का दुकानदार इस टीलॉजी कैफे का संचालक करता है। यहां घटिया किस्म की सामग्री बड़े दामों में बेची जाती है। यहां का दूध पूर्ण रूप से केमिकल बेस है। खाध एवं औषधि प्रशासन विभाग को गुमराह करके ये युवाओं को मीठा ज़हर परोस रहा है।

यहां खाध विभाग के मानकों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। वहीं गुरुवार की दोपहर एक ट्यूशन ग्रुप यहां कॉफी और स्नैक खाने के लिए आया। उसने कॉफी और अन्य स्नैक का ऑर्डर किया। ऑर्डर में जो खाने का सामान आया वह बिल्कुल बासी और अजीबोगरीब स्वाद का महसूस हुआ। इस दौरान ट्यूशन ग्रुप ने टीलॉजी संचालक से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अन्य कस्टमर का हवाला देते हुए चुप रहने की हिदायत दी। इस बाबत उस ट्यूशन ग्रुप ने मीडिया को इस पूरे प्रकरण से अवगत कराया। नाम न छपने की शर्त पर बताया कि यहां का सामान बिल्कुल खराब है। स्नैक का स्वाद बड़ा अजीबोगरीब लगा था। हमें यकीन है कि यहां बिल्कुल मिलावट का सामान खिलाया जाता है। साफ सफाई का भी यहां कोई ख्याल नही रखा जाता है। इससे तो कहीं न कहीं बीमारी हो जायेगी। हम इसकी गोपनीय तरीके से शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं आपको बता दें कि ये नक़ली दूध की आगरा में बड़ी संख्या में खपत हो रही है। यही वजह कि बीमारियों से हर व्यक्ति ग्रस्त है। इसपर जल्द ही अंकुश लगाने की ज़रूरत है। वहीं खाध विभाग अधिकारी आखिर कब इस टीलॉजी पर कार्रवाही करेंगे येे सवाल का विषय है।