ऐसे ‘हॉट स्पॉट’ जहां कहर ढा सकते हैं नए कोरोना वायरस

 ऐसे ‘हॉट स्पॉट’ जहां कहर ढा सकते हैं नए कोरोना वायरस

नई दिल्ली।भारत में कोरोना की दूसरी लहर के कहर के बीच अमेरिकी शोधकर्ताओं ने ऐसे हॉटस्पॉट बताए हैं जहां पर नए कोरोना वायरस फैल सकते हैं।नई स्टडी में रिमोट सेंसिंग के इस्तेमाल के जरिए चमगादड़ों की उपस्थिति की पहचान की गई है।ये स्टडी पश्चिमी यूरोप से दक्षिण-पूर्व एशिया तक की रेंज में की गई है।ये स्टडी बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं की है।इसमें पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी ऑफ मिलान और मैसी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूजीलैंड के शोधकर्ता भी शामिल थे।

स्टडी में शोधकर्ताओं ने तलाश की है कि किन जगहों पर चमगादड़ों से नए कोरोना वायरस इंसानों में फैलने का खतरा ज्यादा हो सकता है।इस रिसर्च की सबसे दिलचस्प बात ये है कि जिन हॉटस्पॉट को चिह्नित किया गया है,उनमें से ज्यादातर चीन में हो सकते हैं।स्टडी का उद्देश्य ये था कि हम जान पाएं कि भविष्य में कोरोना वायरस कहां से पनप सकते हैं।

इसके अलावा जापान के कुछ हिस्सों,उत्तरी फिलिपीन्स के भी कुछ हिस्सों को इसमें शामिल किया है। एक शोधकर्ता मारिया क्रिस्टिना ने कहा है कि इस स्टडी का उद्देश्य ये था कि हम जान पाएं कि भविष्य में कोरोना वायरस कहां से पनप सकते हैं।चमगादड़ के शरीर में वायरस की संख्या 15 हजार तक हो सकती है।

बता दें कि चमगादड़ों पर लंबे समय से रिसर्च कर रहे वैज्ञानिक पीटर डैस्जैक ने बीते साल सीएनएन से बातचीत के दौरान कहा था कि चमगादड़ों के शरीर से हम अब तक सिर्फ 500 कोरोना वायरस की तलाश ही कर पाए हैं। उनके मुताबिक चमगादड़ के शरीर में वायरस की संख्या 15 हजार तक हो सकती है।अभी तो दुनिया सिर्फ कुछ ही वायरस से वाकिफ हो पाई है।

पीटर डैस्जैक अमेरिकी संस्था इकोहेल्थकेयर के प्रेसिडेंट हैं। वो बीते 15 सालों से चमगादड़ों से सैंपल इकट्ठे कर रहे हैं,जिससे दुनिया को भविष्य में महामारियों से बचाया जा सके।वो अब तक बीस देशों में घूमकर चमगादड़ों से सैंपल इकट्ठा कर चुके हैं जिससे यह बताया जा सके कि अगली महामारी कौन सी फैलने वाली है।

 

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