प्रदेशफिरोजाबाद

जननी सुरक्षा लाभार्थियों एवं आशाओं का भुगतान समबद्धता से किया जाए-प्रभारी जिलाधिकारी

फिरोजाबाद। मुख्य विकास अधिकारी,प्रभारी जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जननी सुरक्षा योजना,आशाओं के भुगतान,संस्थागत प्रसव,जन्म-मृत्यु पंजीकरण,राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम,राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम,आयुष्मान भारत,राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम,पीसीपीएनडीटी एक्ट की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की प्रगति के सम्बंध में जानकारी करने पर पाया कि नामांकन के दौरान ही गर्भवती महिलाओं के खाते नही खुलवाए जाने के कारण भुगतान की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सभी एमओआईसी को आदेशित करते हुए कहा कि प्रत्येक गर्भवती के पंजीकरण के साथ उनकी चार बार जांच अवश्य की जाए तथा रजिस्ट्रेशन के दौरान ही आधार कार्ड बनवा कर उनके खाते खुलवाए जाएं,ताकि प्रसव के बाद भुगतान में किसी भी स्तर पर विलम्ब नही हो। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि 23111 लाभार्थियों के सापेक्ष 20495 का भुगतान किया गया है,अभी भी 2616 लाभार्थी लाभान्वित होने शेष है। उन्होंने शीघ्र ही अभियान चलाकर इनके भुगतान किए जाने के निर्देश दिए।

प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि प्रसव बाद सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं को पौष्टिक भोजन अवश्य उपलब्ध कराया जाए तथा 48 घंटे रोकने के उपरांत ही एंबुलेंस के माध्यम से प्रसूता को घर भिजवाया जाए,नवजात शिशुओं के टीकाकरण को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए तथा नवजात शिशुओं के मानक से कम या अधिक वजन के होने पर सघन शिशु चिकित्सा कक्ष में अवश्य भर्ती किया जाए। उन्होंने बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि एनआरसी में बेड खाली होने की स्थिति में कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कराया जाए, ताकि उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकाला जा सके।

पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभारी क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी 2 सप्ताह से अधिक खांसी के रोगियों की नियमित जांच कराकर क्षय रोग के रोगियों को चिन्हित करें तथा उनका नियमित उपचार कर उन्हे क्षय रोग से मुक्त करें। केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा क्षय रोग पर पूर्ण नियंत्रण का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।पीसीपीएनडीटी एक्ट की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रभारी को निर्देश दिए कि सुनिश्चित करें कि अल्ट्रासाउंड सेंटर पर प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण का कार्य किसी भी दशा में नही हो बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.नीता कुलश्रेष्ठ,प्राचार्या मेडिकल कॉलेज डॉ.संगीता अनेजा,अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.प्रताप,मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका (महिला)डॉ.साधना राठौर,समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी समस्त ग्रामीण एवं नगरीय समुदायिक एवं प्राथमिक केंद्रों के अधीक्षक,नोडल अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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