प्रदेशफिरोजाबाद

विद्यालयों में प्रोटोकॉल के पालन से होगा कोविड से बचाव-जिलाधिकारी

फिरोजाबाद। जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह ने शहर के विद्यालयों तथा कोचिंग सेन्टरों द्वारा छात्र-छात्राओं को कोविड-19 महामारी के बचाव हेतु बरती जा रही व्यवस्थाओं का शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। सर्वप्रथम वह किड्स कार्नर सेकेंडरी सीनियर स्कूल पहुंचे वहां पर गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग मशीन लगी हुई थी,परंतु बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था। उन्होंने स्वयं एक-एक कर विभिन्न कक्षाओं का जायजा लेते हुए छात्र-छात्राओं को सैनिटाइजेशन,सोशल-डिस्टेंसिंग एवं मास्क के महत्व के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कोरोना के बचाव के लिए वैक्सीन आ गयी हैं और टीकाकरण काम भी तेजी से चल रहा हंै लेकिन कोविड टीकाकरण के बाद भी हमेंं कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन करना होगा।

उन्होंने कहा कि हम नियमित हाथ धोने,मास्क लगाने और शारिरिक दूरी जैसी सावधानी का पालन अपनाकर कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं। इसके उपरांत महात्मा गांधी बालिका विद्यालय के प्रांगण में बिना मास्क लगाए उपस्थित छात्राओं को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी जरी सी लापरवाही,उनकी जान के लिए भारी पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि बहुत प्रयासों के बाद कोरोना वायरस महामारी को काबू करने का मौका मिला हैं। विद्यालयों में सभी एक-दूसरे के साथ मिलते जुलते हैं,जिस कारण कोरोना वायरस के संक्रमण का सबसे अधिक अधिक खतरा वहीं से हैं। सभी विद्यालयों के प्रबंधक,प्रधानाचार्य एवं शिक्षक कोविड-19 महामारी की गाइडलाइन का अनुपालन अनिवार्य रूप से कराएं अन्यथा उनके विरुद्ध महामारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जाएगी।

इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा स्टेशन रोड पर संचालित रे क्लासेज कोचिंग सेंटर का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। वहां पर कोविड-19 गाइडलाइन का कोई भी पालन नहीं कराया जा रहा था। सभी छात्र-छात्राएं बिना मास्क लगाए एक ही बेंच पर सटकर एक-दूसरे के साथ बैठे हुए थे। थर्मल स्क्रीनिंग एवं सैनेटाइजर की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिला विद्यालाय निरीक्षक के माध्यम से समस्त कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाएगी। वहां पर छात्र-छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि सम्बंधित कोचिंग संस्थान जिस भवन में संचालित हैं। उसका नक्शा विकास प्राधिकरण से स्वीकृत हैं अथवा नहीं इसकी जांच अधिशासी अभियंता विकास प्राधिकरण से कराई जाएगी।

संबंधित कोचिंग संचालकों के विरुद्ध प्रभावी एवं कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कोचिंग संचालकों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली जा रही हैं। उसकी रसीद भी छात्र-छात्राओं को उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कोचिंग संचालकों द्वारा फीस तो मनमानी वसूली जा रही है लेकिन सुविधाओं के नाम पर स्थिति नगण्य हैं। उनकी सुरक्षा,पार्किंग आदि की कोई भी व्यवस्था नहीं कराई गई हैं। उन्होंने सभी विद्यालयों एवं कोचिंग संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी गाइडलाइन एवं कोरोना वायरस के दृष्टिगत ही विद्यालयों व कोचिंग सेन्टरों का संचालन करें। अन्यथा की स्थिति में मानकों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों एवं कोचिंग सेंटरों के संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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