मौनी अमावस्या पर कई साल बाद बने पावन संयोग में संगम में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई डुबकी

प्रयागराज । इस बार डेढ़ करोड़ लोगो ने 71 साल बाद बने पावन संयोग पर कुम्भ में मौनी अमावस्या पर लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।

कुम्भ के अनुसार रविवार शाम 6  बजे तक एक करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया । वहीं रविवार मध्यरात्रि में मौनी अमावस्या के आरंभ से लेकर सोमवार सुबह 10  बजे तक डेढ़ करोड़ से अधिक लोगो ने गंगा में  स्नान किया । सोमवती अमावस्या होने की वजह से स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात से ही मेला क्षेत्र में हैं ।


सुरक्षा वियवस्था के मद्देनजर स्थानीय पुलिस के साथ  एटीएस की दो टीमें सात स्थानों पर तैनात हैं। इन दलों में आठ महिला कमांडो भी शामिल हैं। एक टीम के कमांडो दो मोटर बोट्स पर तैनात हैं।


एनडीआरएफ की कुल 12  टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक टीम में 45-40 जवान हैं। इसमे से  दो टीमें प्रयागराज नगर में लगाई गई हैं जबकि नौ टीमें घाट पर लगाई गई हैं। एक टीम रिजर्व में है।
इसके अलावा, संवेदनशील घाटों पर 55  गोताखोर लगाए गए हैं । साथ ही घाटों और नदी में एनडीआरएफ के 70 मोटर बोट भी अपना दायित्व निभा रही हैं। कुभ में  एक वाटर एंबुलेंस भी चल रही है। वहीं प्रत्येक घाट पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं ।


मौनी अमावस्या पर आज शाही स्नान के चलते  तड़के सुबह  से ही अखाड़ों के नागा साधु सन्यासियों  ने संगम पर स्नान के लिए कूच कर दिया । सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री पंचायती अटल अखाड़ा के साधु संतों ने सुबह सवा पांच बजे संगम नोट पर बने घाट पर शाही स्नान किया।

इसके बाद श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा के साधु संतों ने शाही स्नान किया। क्रम में तीसरे नंबर पर पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा के साधु संतों ने सुबह आठ बजे शाही स्नान किया।

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