मुश्किल में घिरे सोनू सूद, बीएमसी ने पुलिस में कराई श‍िकायत

नई दिल्ली। सोनू सूद हमेशा किसी न किसी की मदद करने को लेकर सुर्खियों में छाएं रहते हैं। लेकिन इस बार मामला कुछ और है। बीएमसी ने पुलिस में सोनू सूद के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने जुहू में छह मंजिला रेजिडेंशियल बिल्डिंग को होटल में बदल दिया है।

4 जनवरी को बीएमसी ने जुहू पुलिस में शिकायत दर्ज की थी। इसमें बताया गया था कि सोनू सूद ने शक्ति सागर बिल्डिंग जो रिहाइशी इमारत है, इसे बिना किसी परमिशन के एक होटल में तब्दील कर दिया है। अब बीएमसी ने पुलिस से रिक्वेस्ट की है कि सोनू पर महाराष्ट्र रीजन ऐंड टाउन प्लानिंग  ऐक्ट के तहत ऐक्शन लिया जाए।

इस मामले पर सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने यूजर चेंज की परमिशन बीएमसी से मांगी थी। वह महाराष्ट कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी की तरफ स क्लीयरेंस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कोविड-19 की वजह से कोस्टल जोन अथॉरिटी की तरफ से परमिशन नहीं मिल सकी है। सोनू ने किसी भी तरह की अनियमितता की बात से इनकार किया। इस मामले पर शुरुआती जांच चल रही है इसके बाद FIR दर्ज होगी।

बता दें कि पूरी दुनिया के मसीहा बनें सोनू सूद अब किसानों के भी मसीहा बनने जा रहे हैं। गौरतलब है कि एक नई फिल्म ‘किसान’ बनने जा रही है। फिल्म में सोनू अहम किरदार में नजर आएंगे।

हाल ही में तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के डुब्बा टांडा गांव के लोगों ने गांव में सोनू सूद के सम्मान में एक मंदिर बनवाया है। इस मंदिर में सोनू सूद की मूर्ति भी लगाई गई है। इस मंदिर को 20 दिसंबर को खोला गया।

वहीं, लगभग 9 महीने से देश के जरूरतमंद लोगों की हर तरह से मदद करने वाले बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने अब एक नई मुहिम ‘खुद कमाओ घर चलाओ’ शुरु की है। इस मुहिम के तहत देश में बेरोजगारी को देखते हुए सोनू ने जरूरतमंदों को ई-रिक्शा देने की योजना बनाई है।

हाल ही में एक इवेंट के दौरान सोनू ने कहा कि 2020 ने उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लाइफ को बदल दिया। खासतौर पर उनकी विलेन की इमेज को चेंज कर दिया। अब मुझे सारे हीरो के रोल मिल रहे हैं। मुझे चार-पांच शानदार स्क्रिप्ट मिली हैं। ये सबकुछ नया है। बता दें कि सोनू ने फिल्म सिंबा, अरुन्धती और आर राजकुमार जैसी फिल्मों में विलेन का किरदार निभाया है।

सोनू सूद ने इस मुहिम पर बात करते हुए कहा – मुझे ऐसा लगता है कि सामान लोगों को दान में देने से ज्यादा बेहतर विकल्प ये है कि उन्हें काम दे दिया जाए जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुझे यकीन है कि लोगों को खुद कमाओ घर चलाओ मुहिम के जरिए रोजगार मिलेगा।

बता दें कि इससे पहले सोनू सूद प्रवासी रोजगार ऐप भी लॉन्च कर चुके हैं। जिसमें कोरोनाकाल में जॉब खो चुके लोगों के लिए 50 हजार से ज्यादा रोजगार के मौके दिए गए हैं। यह ऐप लोगों को कंपनियों से जोड़ता है साथ ही लोगों को ट्रेनिंग भी दिलाता है। इस तरह सोनू सूद के अलग- अलग तरीकों से हर जरूरतमंद की मदद करने की पुरजोर कोशिश की। एजेंसी