SCO समिट: बढ़ता कट्टरपंथ सबसे बड़ी समस्या -पीएम मोदी 

SCO समिट: बढ़ता कट्टरपंथ सबसे बड़ी समस्या -पीएम मोदी 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए SCO समिट को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बढ़ता कट्टरपंथ सबसे बड़ी समस्या है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के हालात से चुनौतियां बढ़ीं है। बढ़ता कट्टरपंथ सबसे बड़ी चुनौती है। हम एससीओ की अध्यक्षता में भारत द्वारा प्रस्तावित गतिविधियों के कैलेंडर में सभी एससीओ देशों से सहयोग और समर्थन की उम्मीद करते हैं। कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर-विश्वास के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है,यह हमारे युवाओं के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘इस साल हम SCO की 20 वर्षगांठ मना रहे हैं। मैं वार्ता के नए साझेदारों साऊदी अरह,मिस्र और कतर का भी स्वागत करता हूं।’उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने अपनी विकास यात्रा में तकनीक का सफल सहारा लिया है। चाहे financial inclusion बढ़ाने के लिए यूपीआई और रूपै कार्ड हों,या कोविड से लड़ाई में हमारे आरोग्य-सेतु और कोविन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मस,इन सभी को हमने स्वेच्छा से अन्य देशों के साथ भी साझा किया है।

पीएम ने कहा कि यदि हम इतिहास पर नज़र डालें,तो पाएंगे कि मध्य एशिया का क्षेत्र उदारवाद,और प्रगतिशील संस्कृति और मूल्यों का गढ़ रहा है। सूफीवाद जैसी परम्पराएं यहां सदियों से पनपी और पूरे क्षेत्र और विश्व में फैलीं। इनकी छवि हम आज भी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत में देख सकते हैं।

क्या है SCO?

SCO एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है,जिसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्र में शांति,सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना है। शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) को बनाने का ऐलान 15 जून, 2001 को हुआ था। शुरूआत में एससीओ में छह देश शामिल थे- किर्गिस्तान, कजाकिस्तान,रूस,ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान. वर्ष 2017 में भारत और पाकिस्तान के शामिल होने के बाद इसके सदस्यों की संख्या आठ हो गई।

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