सोशल डिस्टेंस के साथ मनाई गई राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती

सोशल डिस्टेंस के साथ मनाई गई राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती

स्वामी विवेकानंद सेवा समिति ने आयोजित किया कार्यक्रम

फिरोजाबाद। विकास भवन के प्रांगण में स्वामी विवेकानंद सेवा समिति के तत्वाधान में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की 296 वी जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ सोशल डिस्टेंस रखते हुए मनाई गई। कर्मचारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन से सीख लेने की अपील की।

स्वामी विवेकानंद सेवा समिति के जिला संयोजक गोविंद चतुर्वेदी ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। जो महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था। और उनकी मृत्यु 13 अगस्त 1795 को हुई। राजमाता अहिल्याबाई प्रसिद्ध सूबेदार मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव की धर्मपत्नी थी । इन्होंने माहेश्वर को राजधानी बनाकर शासन किया। इनका बहुत ही कम आयु में विवाह होने के उपरांत 29 वर्ष की अवस्था में विधवा हो गई। इसके बाद पुत्र मालेराव का भी देहांत हो गया एवं उनकी पुत्री मुक्ताबाई सती हो गई।

ऐसी विषम परिस्थितियों में भी राजमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपना धैर्य रख कर बड़ी ही हिम्मत और साहस और शौर्य के साथ उन्होंने शासन व्यवस्था को अच्छे से संभाला और वह हमेशा आत्म प्रतिष्ठा की झूठी मोह माया से दूर रहकर कर सदा न्याय करने का प्रयास करती रही। अपने जीवन काल में उन्होंने अयोध्या मथुरा काशी ऐसी तमाम अन्य जगहों पर धार्मिक सामाजिक ऐसे अनेक पुनीत कार्य किए। जिनकी वजह से जनता के बीच में उनकी जो पहचान थी,एक देवी के रूप में सामने आई।कार्यक्रम का संचालन समिति की संस्थापक सदस्य सोनल शर्मा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों में हर्ष कुमार, कुमार मिश्रा,दिनेश कुमार,योगेश मिश्रा,प्रीति,प्रदीप कुमार,राजेंद्र सिंह,सोनल,शशांक शर्मा,कन्हैया कुमार,राजेश्वर प्रसाद आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

 

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