प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार,36 नए चेहरों के साथ कुल 43 मंत्रियों ने लीं शपथ

प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार,36 नए चेहरों के साथ कुल 43 मंत्रियों ने लीं शपथ

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद में विस्तार हो गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण राणे, वीरेंद्र कुमार सिंह, सर्बानंद सोनोवाल, अश्विनी वैष्णव, पशुपति पारस, रामचंद्र प्रसाद सिंह ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।

इसके अलावा अनुराग सिंह ठाकुर, जी किशन रेड्डी, पुरुषोत्तम रुपाला, भूपेंद्र यादव, मनसुख मंडाविया, हरदीप सिंह पुरी, राज कुमार सिंह और किरण रिजिजू ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली।

वहीं, अन्नपूर्णा देवी, मीनाक्षी लेखी, दर्शना जरदोश, भानु प्रताप वर्मा, शोभा करंदाजे, राजीव चंद्रशेखर, एस पी सिंह बघेल, अनुप्रिया पटेल और पंकज चौधरी ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।

इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को कैबिनेट से हटा दिया गया है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी से इस्तीफा मांगा गया है। इसी बीच श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। मोदी कैबिनेट का पहला विस्तार आज होने वाला है। इस बहुप्रतीक्षित विस्तार एवं पुनर्गठन के लिए बुधवार 6 बजे का समय निशिचत किया गया है।

– केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने स्वास्थ्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया

– केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया

– शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार की शाम को होने वाले फेरबदल व विस्तार से पहले, मंत्री पद के संभावित चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आधिकारिक आवास पर पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा भी प्रधानमंत्री आवास पर मौजूद हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास पहुंचने वालों में भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव, मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य नारायण राणे, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, हरियाणा के सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल, दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी, उत्तराखंड से सांसद अजय भट्ट, कर्नाटक से सांसद शोभा करंदलाजे, महाराष्ट्र से सांसद प्रीतम मुंडे, अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल, लोक जनशक्ति पार्टी के पारस गुट के पशुपति पारस और जनता दल (यूनाइटेड) के आरसीपी सिंह सहित कुछ अन्य नेता शामिल हैं।

मंत्रिपरिषद में करीब 20 नए चेहरे शामिल होने की उम्मीद है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसमें युवाओं को तरजीह दी जाएगी। नए मंत्रियों को शाम करीब साढ़े पांच बजे राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे।

30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिपरिषद में 57 मंत्री बनाए गये थे। इनमें 24 कैबिनेट, नौ स्वतंत्र प्रभार तथा 24 राज्यमंत्री शामिल थे। बाद में शिवसेना और शिअद के राजग से अलग होने के कारण अरविंद सावंत और हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दिया था। लोजपा नेता रामविलास पासवान के निधन के कारण कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 21 रह गई। रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी की गत वर्ष कोविड के कारण मृत्यु होने के कारण कुल 53 मंत्री रह गए। थावर चंद गहलोत की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के बाद मंत्रियों की संख्या 52 रह जाएगी।

संगठन में भेजे जाएंगे कुछ मंत्री

मंत्रिपरिषद विस्तार के साथ ही कुछ मंत्रियों को संगठन में भेजे जाने की भी चर्चा है। संविधान के मुताबिक केन्द्रीय मंत्रिमंडल में सदस्यों की अधिकतम संख्या 81 हो सकती है। इस प्रकार से अधिकतम 29 नये मंत्री शामिल किये जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा एवं सहयोगी दलों के सभी सांसदों को इस सप्ताह दिल्ली में रहने को कहा गया है। मंत्रिपरिषद में जदयू, अन्नाद्रमुक, अपना दल और लोजपा के नए धड़े को भी जगह मिल सकती है।

सूत्रों के अनुसार जिन लोगों को मंत्रिपरिषद के भावी फेरबदल और विस्तार में शामिल किया जा सकता है, उनमें सर्वानंद सोनोवाल, तीरथ सिंह रावत, सुशील मोदी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वरुण गांधी, भूपेन्द्र यादव, कैलाश विजयवर्गीय, प्रवीण निषाद, रामशंकर कठेरिया, बैजयंत पांडा, नारायण राणे, रीता बहुगुणा जोशी, हिना गावित, सुनीता दुग्गल, जामयांग सेरिंग नामग्याल, अनुप्रिया पटेल, आरसीपी सिंह आदि के नाम चर्चा में है। अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की है। मोदी मंत्रिमंडल में आधा दर्जन मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास दो से अधिक मंत्रालय हैं। ऐसे मंत्रियों का बोझ हल्का किया जा सकता है।

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