शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पावरग्रिड कर रहा मदद

शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पावरग्रिड कर रहा मदद

 शिमला।बिजली मंत्रालय के तहत केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम,पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पॉवरग्रिड),स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए शिमला के नगर निगम को सहायता प्रदान कर रहा है। पावरग्रिड ने यह मदद अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल के तहत की है। पावरग्रिड ने हिमाचल प्रदेश में चार विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) प्रदान करने के लिए 1.98 करोड़ की राशि मंजूर की है। इसके अलावा,कल सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) द्वारा नगर निगम शिमला को प्रदान किए गए ट्रक माउंटेड सीवर जेटिंग और कूड़ा उठाने वाली मशीनों को झंडी दिखाकर रवाना किया।आपको बता दें,इससे पहले 2020 के दिसम्बर माह में वैक्यूम क्लीनर के साथ स्वीपिंग मशीन लगा हुआ ट्रक तथा एक कम्पेक्टर लगा ट्रक भी नगर निगम शिमला को सौंपा गया था।

शहर में बढ़ेगी स्वच्छता

पावरग्रिड की यह पहल नगर निगम शिमला को एक स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और शहर की स्वच्छता को बनाए रखने में मदद करेगी। इसके अलावा, इन तकनीकी रूप से उन्नत मशीनों की शुरुआत के कारण, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्र के कठिन वाले इलाकों में सफाई की प्रक्रिया को आसान और तेज करने में मदद मिलेगी।

क्या-क्या मदद की है?

इससे पहले, एक एसपीवी माउंटेड वैक्यूम असिस्टेड रोड स्वीपर, दो सीवर सफाई जेटिंग वाहन मशीनों को उप मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम),मनाली,जिला कुल्लू,हिमाचल प्रदेश को सौंप दिया गया था। इन मशीनों की लागत 1.31 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 3,250 सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट और 13,000 ट्विन बिन डस्टबिन,जिनका वित्तीय प्रभाव 11.49 करोड़ है, की आपूर्ति और स्थापना की गई है।

बुनियादी ढांचे की वृद्धि में भी कर रहा है मदद

पावरग्रिड ने लाहौल और स्पीति जिले में स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए भी प्रयास किए हैं, जिसमें पर्वतारोहण और अन्य संबंधित गतिविधियों के क्षेत्र में ३२ लाख रुपये की मदद की गई। इससे बुनियादी ढांचे में वृद्धि और क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। राज्य में सीएसआर प्रयासों के तहत,बिलासपुर जिला अधिकारियों को 1.06 करोड़ की लागत वाली 4 मेडिकल मोबाइल यूनिट, आईजीएमसी शिमला और जिला अस्पताल, चंबा में दो एम्बुलेंस प्रदान की गई हैं।

क्या है पावरग्रिड ?

पावरग्रिड भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत एक ‘महारत्न’ सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (पीएसयू) है। हिमाचल प्रदेश में पावरग्रिड की भौतिक संपत्ति 1,590 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइन, चंबा, हमीरपुर, बनाला में 400/220 केवी के 4 सब-स्टेशन हैं। आपको बता दें,तीनों अत्याधुनिक तकनीक गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन (जीआईएस) हैं। इसके अलावा नालागढ़ में 3130 एमवीए से अधिक परिवर्तन क्षमता का सब-स्टेशन भी है।

कौन-कौन था मौजूद ?

हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, पावरग्रिड के निदेशक (कार्मिक) वीके सिंह,पावरग्रिड के उत्तरी क्षेत्र- II के कार्यकारी निदेशक कैलाश राठौर और हिमाचल प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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