एमफोटेरिसिन-बी और टोसिलिजुमैब अब जीएसटी के दायरे से बाहर

एमफोटेरिसिन-बी और टोसिलिजुमैब अब जीएसटी के दायरे से बाहर

दिल्ली। वस्तु और सेवाकर परिषद ने आज मंत्री समूह की ओर से कोविड उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं पर छूट की सिफारिशों को बड़े पैमाने पर स्वीकार कर लिया है। नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने बताया कि एंटी फंगल दवाई एमफोटेरिसिन-बी और एंटीवायरल दवाई टोसिलिजुमैब को अब जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड के गंभीर मामलों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवाई रेमडेसिविर पर जीएसटी की दर बारह से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि एंटीकोगुलेंट हेपारिन और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताई गई कोविड उपचार में इस्तेमाल होने वाली दूसरी दवाइयों पर भी जीएसटी की दर घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है।

सीतारामन ने बताया कि लोगों को राहत देने के लिए जीएसटी परिषद मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन,ऑक्सीजन बनाने वाले उपकरण और इससे संबंधित चिकित्सा सुविधाओं पर जीएसटी दर बारह प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है। कोविड परीक्षण किट,पल्स ऑक्सीमीटर,तापमान मापने वाले उपकरण और हैंड सैनेटाइजर भी अब सस्ते होंगे। इन पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत कर दी गई है। एंबुलेंस पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर बारह प्रतिशत कर दी गई है। विद्युत और गैस के जरिये होने वाले शवदाह पर जीएसटी दर 18 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है।

जीएसटी परिषद ने इन सभी छूट को इस वर्ष सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया है। ये जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक थी। पिछले महीने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद मंत्री समूह का गठन किया गया था। मंत्री समूह ने अपने गठन के आठ दिन के भीतर ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।

 

 

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