कुरान की 26 आयतों को हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

कुरान की 26 आयतों को हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

नई दिल्ली।  शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। साथ ही 50000 रुपए का जुर्माना वसीम रिज़वी पर किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (12 अप्रैल, 2021) को कुरान से 26 आयतों को हटाने वाली याचिका खारिज की। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि ये सभी 26 आयतें भारत के कानून का उल्लंघन करते हैं और उग्रवाद को बढ़ावा देते हैं। सैयद वसीम रिजवी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के जज रोहिंटन फली नरीमन, बीआर गवई और हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कुरान में कत्ल, नफरत और कट्टरपन बढ़ाने वाली बातें
वसीम रिज़वी ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दाखिल की थी, उसके पीछे तर्क था कि कुरान की इन 26 आयतों में से कुछ आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं, जिन्हें बाद में शामिल किया गया। वह कहते हैं कि जब पूरे कुरान पाक में अल्लाहताला ने भाईचारे, प्रेम, खुलूस, न्याय, समानता, क्षमा, सहिष्णुता की बातें कही हैं तो इन 26 आयतों में कत्ल व गारत, नफरत और कट्टरपन बढ़ाने वाली बातें कैसे कह सकते हैं।

रिज़वी का सिर काट लाओ
कुरान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका को लेकर रिजवी को चरमपंथी और मुस्लिम विरोधी संगठनों का एजेंट करार दिया गया। शियाने हैदर-ए-कर्रार वेलफेयर एसोसिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसनैन जाफरी डंपी ने वसीम रिजवी का सिर काटकर लाने वाले को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

परिवार ने भी तोड़ा नाता
कुरान की 26 आयतों को ‘हिंसक’ बता कर उन्हें हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी को महंगा पड़ा। तालकटोरा में स्थित कर्बला में बनी वसीम रिजवी की हयाती कब्र को तोड़ डाला गया। उनके छोटे भाई ने कहा है कि परिवार का वसीम से कोई लेनादेना नहीं।

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