मीरा भायंदर में शौच के लिए जंगलों में जा रहे लोग

मीरा भायंदर में शौच के लिए जंगलों में जा रहे लोग

स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियाँ

शैलेन्द्र पांडे/ मीरा भायंदर

भारत सरकार द्वारा सैकडों करोडों रुपए स्वछता अभियान पर खर्च करने के बावजूद भी मुंबई से सटे मीरा भायंदर के बजरंग नगर के रहीवाशी  खुले और जंगलों में शौच करने के लिए विवश हो रहें है। प्रगतिशील शहरों में अग्रसर मीरा भायंदर जहाँ ऊँची- ऊँची इमारतों का अंबार खड़ा हुआ नजर आता है वहाँ ऐसी विषम परिस्थितियों में और खासकरके कोरोना काल मे मूलभुत सुविधाओं से भी लोग वंचित है।

मीरा भायंदर काँग्रेस ने सत्ताधारी पक्ष और मनपा के विरुद्ध सार्वजनिक शौचालय तोड़े जाने और लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखे जाने का आरोप लगाते हुए पिछले कुछ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए है। युवा काँग्रेस अध्यक्ष दीप काकड़े और काँग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सामंत के नेतृत्व में यह अनशन जारी है।

दूसरी तरफ मीरा भायंदर महानगर पालिका के उपमहापौर हसमुख गहलोत ने अस्थायी रूप से 6 केबिन बनानी की मांग पालिका के सामने रखी है।

 

मीरा भायंदर शहर में अवैध बाँधकामो की सूची बहुत लंबी है ऐसे में अगर निर्माण को तोड़ा गया तो क्या स्थानीय लोगों को सुविधा मुहैया करवाना प्रशासन की जिम्मेदारी नही बनती। सोशल मीडिया पर भी यहाँ के हालातों को लेकर बहुत चर्चा हो रही है । राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप भी हो रहे हैं लेकिन इन सब में हमेशा की तरह पिस आम जनता ही हो रही है ।

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