कंगाल पाकिस्तान पर नहीं है कोरोना वैक्सीन खरीदने के लिए पैसे

कंगाल पाकिस्तान पर नहीं है कोरोना वैक्सीन खरीदने के लिए पैसे

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहे पाकिस्तानियों के लिए इस साल अच्छी खबर नहीं आने वाली है। देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने बताया है कि पैसे की कमी के कारण इस साल उनकी सरकार कोरोना वैक्सीन की डोज नहीं खरीदने वाली है। इसकी जगह पाकिस्तान केवल दान में मिली कोरोना वैक्सीन पर ही निर्भर रहेगा। इस बात की जानकारी स्वयं पाकिस्तान के हेल्थ सर्विस के सचिव आमिर अशरफ ख्वाजा ने दी है।

बता दें पाकिस्तानी अखबार ने बताया है कि चीन की एक वैक्सीन की कीमत करीब 13 डॉलर है। जिसके हिसाब से इसकी कीमत 2046 रुपए होगी। पाकिस्तान की सरकार के पास इतना पैसा नहीं है कि वह कोरोना की इस वैक्सीन को खरीद सके। ऐसे में वह मित्र दोस्त चीन समेत भारत जैसे देशों से मिली वैक्सीन पर निर्भर रहेगा। बता दें पाकिस्तान ने अभी तक चीन से मिले 2 लाख 75 हजार वैक्सीन डोज को अपने हेल्थ वर्कर को लगा दिया है। पाकिस्तान सरकार प्लान कर रही है कि वह इस साल 7 करोड़ लोगों को कोरोना की वैक्सान लगा दे इसके लिए वह भारत से मिलने वाली 1 करोड़ 60 लाख वैक्सीन का भी इंतजार करेगा।

पाकिस्तान का अनुमान है कि जो वैक्सीन उसे भारत से मिलने वाली हैं। उससे वह अपनी 20 फीसद आबादी को वैक्सीन लगा सकता है। बता दें पाकिस्तान को यह वैक्सीन द ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन के तहत मिलेगा। बता दें यह संगठन गरीब देशों को कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने के लिए बनाया गया है। पाकिस्तान में आवाज उठ रही थी कि सरकार वैक्सीन लगाने में इतना देर क्यों कर रही है। जिसके जवाब में पाकिस्तान सरकार ने यह बात कही है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में लोगों के दिमाग में भी वैक्सीन को लेकर भ्रम है। इसके लिए वहां की लोकसेवा समिती का कहना है कि सरकार को लोगों को विश्वास दिलाने के लिए पहले नेताओं को खुद वैक्सीन लगवानी होगी ताकि उनका भ्रम टूट सके। बता दें पाकिस्तान सरकार के वैक्सीन न खरीद पाने का मुख्य कारण देश पर भारी मात्रा में कर्ज भी है। हाल में सरकार ने कबूल किया है कि वहां के प्रत्येक नागरिक पर करीब 1 लाख 75 हजार रुपए का कर्ज है। जिसमें इमरान खान सरकार का योगदान करीब 54901 है। बता दें पिछले दो साल में पाकिस्तान की सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़ा है। जो लगातार बढ़ता ही जा रहा है।  एजेंसी

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