ऑपरेशन सद्भावना: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देगी सेना 

ऑपरेशन सद्भावना: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देगी सेना 

जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने और उन तक विकास के रथ को पहुंचाने में सेना की बड़ी भूमिका रहती है। भारतीय सेना अक्सर ऑपरेशन सद्भावना के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों तक पहुंचते हैं और अलग-अलग तरह से उनकी मदद करते हैं। इसी क्रम में आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES) के तहत काम कर रहे आवासीय स्कूलों और कॉलेजों में चयनित बच्चों और युवाओं के लिए स्नातक पाठ्यक्रम और स्कूली शिक्षा को प्रायोजित करेगी।ऑपरेशन सद्भावना के इस पहल का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के योग्य उम्मीदवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य के लिए अवसर प्रदान करना है। साथ ही बाहरी दुनिया से रूबरू करना है।

आर्मी पब्लिक स्कूलों में सीटें होंगी रिजर्व

शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए पंजाब के ब्यास और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के दो आर्मी पब्लिक स्कूलों (एपीएस) में 8वीं और 9वीं कक्षा के लड़के और लड़कियों के लिए कुल 100 सीटें (50 प्रत्येक) निर्धारित की गई हैं। 2022-23 के बाद से इन 100 सीटों में धौला कुआं (नई दिल्ली), नोएडा (यूपी) और डगशाई (एचपी) के आर्मी पब्लिक स्कूलों में सीटें शामिल होंगी।

इन प्रोफशनल स्नातक कोर्स में भी छात्राओं को मिलेगा मौका

शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में बेंगलुरु (आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी और आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन) और गुवाहाटी,जालंधर (आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग/ आर्मी कॉलेज ऑफ नर्सिंग) में 6 रिक्तियां (प्रत्येक में दो) उपलब्ध कराई जाएंगी। कॉलेज हॉस्पिटैलिटी,फैशन डिजाइन (केवल लड़कियां) और नर्सिंग (केवल लड़कियां) में स्नातक डिग्री प्रदान करेंगे। वर्ष 2022-23 से सेना के प्रबंधन संस्थान कोलकाता या ग्रेटर नोएडा (यूपी) और आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (केवल लड़कियों) में ग्रेटर नोएडा (यूपी) में दो अतिरिक्त सीटें प्रदान की जाएंगी। इन कॉलेजों में छात्रों को एमबीए और बीएड/बीएड स्पेशल एजुकेशन (सिर्फ गर्ल्स) कोर्स ऑफर किए जाएंगे।

योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक

मुख्यालय उत्तरी कमान द्वारा प्रायोजित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मूल निवासी शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के दौरान प्रवेश के लिए पात्र होंगे। हालांकि प्रत्येक उम्मीदवार को शिक्षा के विशिष्ट क्षेत्र से संबंधित योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। इसके अलावा सभी उम्मीदवारों को अगले साल से एक प्रवेश परीक्षा में शामिल होना होगा।

देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूल-कॉलेजों में सीखने का मिलेगा मौका

यह योजना केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के योग्य बच्चों और युवाओं को देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों और कॉलेजों में श्रेष्ठ शिक्षकों, नवीन शिक्षाशास्त्र, लंबे अनुभव और अत्याधुनिक आधारभूत संरचना के साथ अपने भविष्य को सपनों के करियर में आकार देने का एक नया अवसर प्रदान करती है।

क्या है ऑपरेशन सद्भावना

ऑपरेशन सद्भावना की आधिकारिक रूप से शुरुआत 1998 में हुई। यह ऑपरेशन विशेष रूप से नियंत्रण रेखा के पास ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया गया था। इसके तहत कई कल्याणकारी पहल की जाती है। जिसमें बुनियादी ढांचा विकास,चिकित्सा देखभाल,महिला और युवा सशक्तीकरण, शैक्षिक पर्यटन और खेलकूद टूर्नामेंट शामिल हैं। परियोजनाओं को स्थानीय आबादी की जरूरतों और इच्छाओं के अनुसार योजनाबद्ध किया जाता है और सफल दीक्षा के बाद राज्य सरकार को सौंप दिया जाता है। ‘ऑपरेशन सद्भावना ’भारतीय सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर में आबादी के करीब आने और आपसी विश्वास और विश्वास विकसित करने का संकल्प है,जो सेना को शेष भारत में मिलती है।

 

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