हिंदी दिवस पर खिले हिंदी के “नूतन-सरोज”

अनंत का ज्ञान कराती है हिंदी:रानी सरोज गौरिहार

आगरा। हिंदी वर्णमाला अ से ज्ञ तक चलती है। अ से अनंत और ज्ञ से ज्ञान यानी हिंदी हमें अनंत का ज्ञान कराती है। हिंदी में ऊंच-नीच का भाव नहीं होता,इसीलिए इसमें कोई कैपिटल या स्मॉल लेटर भी नहीं होता..यह कहना था स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और नागरी प्रचारिणी सभा की सभापति रानी सरोज गौरिहार का।

हिंदी दिवस पर सोमवार को वे “नूतन ज्योति है” फेसबुक पेज़ द्वारा देश-दुनिया में फैले सैकड़ों हिंदी सेवियो और हिंदी प्रेमियों से रूबरू थीं। शहर की युवा साहित्यकार और संस्कार भारती कला साधिका समिति से जुड़ीं नूतन अग्रवाल ज्योति ने इस अनूठी पहल को उनके घर पहुंचकर अंजाम दिया। रानी सरोज गौरिहार जी की अनथक हिंदी साधना के लिए उनका माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।

इस दौरान 50 मिनट के लाइव सत्र में रानी सरोज गौरिहार जी ने ब्रजभाषा और खड़ी बोली हिंदी की अनूठी कविताओं से सबको भाव-विभोर कर दिया। सभी ने नूतन अग्रवाल की इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम संयोजिका नूतन अग्रवाल ज्योति ने कार्यक्रम सुन रहे सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।

न्यूजीलैंड से प्रीता व्यास,मुंबई से देवदत्त,मथुरा से अंजू शर्मा,राजस्थान से अपूर्व माधव झा और आगरा से वरिष्ठ साहित्यकार शांति नागर,डॉ.मधु भारद्वाज,डॉ नीलम भटनागर,डॉ.शशि गोयल,राज बहादुर सिंह राज,डॉ.रुचि चतुर्वेदी,रजनीकांत लवानिया,मीरा परिहार,ज्योत्स्ना सिंह,राजश्री राशि,पूनम भार्गव जाकिर श्रुति सिन्हा,मंजरी टंडन, पत्रकार आदर्श नंदन गुप्त,संजय गुप्त,अलका अग्रवाल,शुभम सिंह,महेंद्र राठौर,दीपक शर्मा और कुमार ललित सहित अनेक साहित्यकार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।