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उत्‍तर प्रदेश के 10 जिलों में नाइट कर्फ्यू का समय बदला

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महामारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने गुरुवार को कई बड़े और अहम फैसले लिए।उन 10 जिलों में नाइट कर्फ्यू में बदलाव किया है,जहां प्रतिदिन 2000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इन जिलों में अब रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।इस दौरान उन्हें ही बाहर निकलने की अनुमति होगी जिन्हे जिला प्रशासन द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। इसमें भी किसी को बिना मास्क और सैनिटाइजर के बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।

कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गठित टीम-11 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश देते हुए कहा कि लखनऊ,प्रयागराज,वाराणसी,कानपुर नगर,गौतमबुद्ध नगर,गाजियाबाद, मेरठ, गोरखपुर सहित 2000 से अधिक एक्टिव केस वाले सभी 10 जनपदों में रात्रि 8 बजे से प्रातः 7 बजे तक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी किया जाए। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।लोगों को मास्क और सैनिटाइजेशन के महत्व को समझाने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के फैलते संक्रमण को देखते हुए विभिन्न राज्यों से प्रवासी श्रमिकों की वापसी पर सभी जनपदों में कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप क्वारन्टीन सेंटर संचालित करने का निर्देश भी दिया। क्वारन्टीन सेंटरों में चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भोजन/शयन आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए उपयोगी रेमिडीसीवीर और ऑक्सीजन की उपलब्धता पर सतत नजर रखी जाए।मुख्य सचिव कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जाए। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के किसी भी जनपद के किसी भी अस्पताल में इन आवश्यक चीजों का अभाव न हो।सभी जनपदों में कोविड मरीजों के लिए बेड तथा ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। हर दिन इस स्थिति की जनपदवार समीक्षा की जाए।यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक जनपद में कोविड बेड,दवाओं,मेडिकल उपकरणों तथा ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। प्रभारी मंत्रीगण अपने सम्बंधित जिलों की हर दिन समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी लखनऊ में अन्य जनपदों के मरीजों का आना स्वभाविक है।ऐसे में यहां अतिरिक्त व्यवस्था करने की आवश्यकता है। केजीएमयू और बलरामपुर हॉस्पिटल को पूरी तरह से कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में तैयार करने को कहा गया है।हालांकि इस दौरान नॉन कोविड मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि लखनऊ में टीएस मिश्र हॉस्पिटल,इंटीग्रल और हिन्द मेडिकल कॉलेजों को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में क्षमता विस्तार किए जाने की आवश्यकता है। अगले दो दिनों ने यहां अतिरिक्त बेड्स उपलब्ध कराए जाएं।

 

 

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