कोरोना को घुटने टेकने पर मजबूर करेगा नीम, परमिशन मिलते ही मरीजों पर आजमाया जाएगा

नई दिल्ली।  मगर क्या आपको पता है कि ये नीम कोरोना से लड़ने में भी कारगर है। लखनऊ किंग्स जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी ने इस ओर शोध को लगभग पूरा कर लिया है। अब बस परमिशन का इंतजार किया जा रहा है। नीम के गुणों की ढाल से लड़ेंगे कोरोना का युद्ध

नीम के गुणों का इस्तेमाल अब कोरोना से लड़ने के लिए किया जाएगा। नीम की दातून, पत्ती, छाल से लेकर तेल तक का इस्तेमाल कोरोना से लड़ने के लिए किया जाएगा। केजीएमयू की फिजियोलॉजी की डॉक्टर ने नीम के गुणों का सही इस्तेमाल करने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया है।

प्रोफेसर डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि कोरोना के खिलाफ नीम के इस्तेमाल की जांच पर शोध किया जा रहा है। फिलहाल नीम की पत्तियों के असर पर रिसर्च की जा रही है। फिलहाल डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से इस शोध के लिए एप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है।

डॉ वाणी ने बताया कि नीम में प्रमुख तौर पर हाइप्रोसाइड, मिंबाफ्लेवोन और रूटीन पाया जाता है।इसमें से हाइप्रोसाइड को कोरना से लड़ने के लिए मुख्य हथियार माना जा रहा है। भारत में कोरोना के ज्यादातर मामले हल्के असर वाले हैं जिन्हें नीम की पत्ती के पेय देना होगा।

हाइ्ड्रोसाइड कोरोना वायरस को आगे बढ़ने से रोक सकता है। इससे वायरस का असर पूरे शरीर में नहीं फैल पाएगा। ये पेय बनाना बेहद आसान है। नीम की दर्जन भर ताजा पत्तियों को दो कप पानी में नमक डालकर उबाल कर आधा-आधा कप पिलाया जा सकता है। ये ड्रिंक या काढ़ा डायबटीज के मरीजों के लिए भी बेहद कारगर होता है।

विश्व् विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने बताया कि इस प्रस्ताव को एथिक्स कमेटी के पास भेजा जाएगा। अनुमति मिलने पर मरीजों के उपचार के लिए इस काड़े का इस्तेमाल शुरु किया जाएगा।