नगर निगम: आखिर लंबाई चौड़ाई क्यों नहीं होती मानक बोर्ड पर अंकित

नगर निगम: आखिर लंबाई चौड़ाई क्यों नहीं होती मानक बोर्ड पर अंकित

-नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के मानक बोर्ड के नाम पर लाखों का खेल

-यह धांधली निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों के बगैर संभव नहीं

फिरोजाबाद। आखिर नगर निगम द्वारा शहर के वार्डो में कराए जा रहे विकास कार्य के मानक बोर्ड पर लंबाई चौड़ाई का विवरण क्यों नहीं कराया जाता है अंकित? शहर की आम जनता को कैसे पता चलेगा कि सडक़ या टोल की लंबाई चौड़ाई कितनी है। विकास कार्यो में लगाई गई धनराशि का सदुपयोग हो रहा है या दुरुपयोग। आमजन से मानक बोर्ड पर लंबाई चौड़ाई को छिपाने का उद्देश्य जनता द्वारा दिए गए टैक्स के लाखों रुपए का खेल करना तो नहीं है,जनता द्वारा यह सवाल उठाए जा रहे हैं।

इस समय विकास कार्य के मानक बोर्ड मनमानी का माध्यम बन रहे हैं। मानक बोर्ड पर निर्माण कार्य की लंबाई चौड़ाई अंकित ना होने के कारण आमजन को सही जानकारी नहीं मिलती,जिसके चलते विकास कार्य के मानक को ठेंगा दिखाकर कुछ ठेकेदार लाखों रुपए का गोलमाल कर रहे हैं। यह धांधली नगर निगम के निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों के बगैर संभव नहीं है।निगम के ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से भाजपा सरकार को लाखों रूपये का चूना लगाया जा रहा हैं।

गौर हो कि इन दिनों करोड़ों रूपये की धनराशि से नगर निगम क्षेत्र में किसी न किसी मोहल्ले की सडक़,नाली,टोल आदि के निर्माण कार्य नगर निगम द्वारा कराई जा रहे है। लेकिन नगर निगम क्षेत्र में बन रही सडक़ों के मानक को लेकर विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत मानक बोर्ड पर स्पष्ट परिलक्षित हो रही है। कुछ पूर्व दिनों 26 से 30 मई 2021 के बीच वार्ड नंबर-40 नंदराम चौक में राजाराम मूर्ति से पुलिया तक एवं राजाराम मूर्ति से तिकोनिया तक नाली मरम्मत,साइड पटरी पर इंटर लाकिंग और हॉटमिक्स से सडक़ सुधार कार्य किया गया था। निर्माण कार्य मानक बोर्ड पर लंबाई चौड़ाई बिना अंकित किए ही कर दिया गया।  नवनिर्मित सडक़ का मानक बोर्ड इस बात की गवाही दे रहा हैं। मानक बोर्ड पर टेंडर की अनुमानित धनराशि 3708 704 रुपए दर्शाई गई है। यह निर्माण कार्य श्रीराम कंस्ट्रक्शन के द्वारा किया गया।

उल्लेखनीय है कि विभागीय अधिकारियों के बगैर मानक के विपरीत मानक बोर्ड लगाकर ठेकेदार गड़बड़ी नहीं कर सकता। मानक बोर्ड पर सही जानकारी अंकित न करने के खेल में ठेकेदार और नगर निगम के संबंधित अधिकारी दोनों शामिल हैं।नगर निगम के संबंधित अवर अभियंता की मिलीभगत से ठेकेदार मानक बोर्ड पर लंबाई चौड़ाई अंकित नहीं करते। किसी भी निर्माण कार्य के मानक बोर्ड पर उसकी स्वीकृत धनराशि एवं लंबाई चौड़ाई आदि का अंकित होना आवश्यक है। ताकि उस क्षेत्र के बाशिंदों को पता रहे कि कार्य कितना होना है और कितना हुआ है। लेकिन नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य मानक बोर्ड के खेल का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसा नहीं है,कि इस धांधली में केवल ठेकेदार शामिल हो।निगम के ठेकेदार,अधिकारी और नेता की तिकड़ी सरकारी धन को अपनी जेबों में भर रहे हैं। इस धांधली की सुहागनगरी वासियों ने जांच की मांग की हैं।

 

वर्जन——-

“मानक बोर्ड में अगर कहीं कोई कमी है तो संबंधित अधिकारी का स्पष्टीकरण लूंगी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”मेयर नूतन राठौर,नगर निगम फिरोजाबाद।

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