मुख्तार अंसारी एंबुलेंस केस : UP पुलिस ने डॉ. अलका राय समेत दो को किया गिरफ्तार

मुख्तार अंसारी एंबुलेंस केस : UP पुलिस ने डॉ. अलका राय समेत दो को किया गिरफ्तार

 उत्तर प्रदेश। यूपी की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।मुख्तार को जिस एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था,उस मामले में बाराबंकी पुलिस ने कार्रवाई की है।पुलिस ने अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय और उसके सहयोगी शेषनाथ राय को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल मुख्तार अंसारी जब पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था,तब उसे मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था।उस वक्त मुख्तार यूपी के बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट पहुंचा था।

जिसके बाद विधायक मुख्तार अंसारी द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक एम्बुलेंस के संबंध में बाराबंकी कोतवाली थाने में महिला चिकित्सक डॉ. अलका राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।पुलिस के मुताबिक ‘प्रारंभिक जांच के बाद एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए नाम और पता गलत पाया गया था।भारतीय दंड संहिता की 420 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का वास्तविक रूप से उपयोग करने), 467 (दस्‍तावेजों की हेराफेरी), 468 (धोखाधड़ी के इरादे से जालसाजी) धाराओं में डॉक्टर अलका राय के खिलाफ दर्ज की गई थी।

एम्बुलेंस के दस्‍तावेज जिस पते पर दर्ज थे वह पता भी नहीं मिला। मामले में मऊ की डॉ. अलका राय उनके सहयोगी डॉ. शेषनाथ राय, मुख्तार अंसारी, मुजाहिद,राजनाथ यादव समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आये।इन लोगों को फर्जी दस्तावेज के आधार पर एंबुलेंस को खरीदने का आरोप था। एसपी यमुना प्रसाद ने इस मामले में एसआईटी गठित करते हुए निरीक्षक एमपी सिंह के नेतृत्व में एक टीम मऊ भेजी थी और दूसरी टीम सीओ हैदरगढ़ नवीन सिंह के नेतृत्व में पंजाब भेजी गई थी।

मामले में बाराबंकी पुलिस ने राजनाथ यादव को पहले ही गिरफ्तार कर 6 अप्रैल को अदालत में पेश किया था। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। 12 अप्रैल को मऊ गई पुलिस टीम ने डॉ. अलका राय से गहन पूछताछ की थी।जिसके बाद मंगलवार को अलका राय और उसके सहयोगी शेषनाथ राय को गिरफ्तार किया गया।

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