कोरोना को लेकर मच्छरों ने दी एक खुशखबरी

रोम। इटली के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान आईएसएस द्वारा किए गए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है कि मच्छर मनुष्यों में कोरोना वायरस नहीं फैला सकते हैं। संस्थान ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही कहा था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वायरस को रक्त-चूसने वाले कीड़ों द्वारा फैलाया जा सकता है, जो मनुष्यों को काटने पर डेंगू और अन्य बीमारियों को फैलाते हैं।

मगर, जानवरों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लिए एक शोध संगठन, IZSVe के सहयोग से किए गए नवीनतम अध्ययन से पता चला है कि न तो टाइगर मॉस्किटो न ही आम मच्छर SARS-CoV-2 को फैला सकते हैं। शोध से पता चला है कि एक बार संक्रमित रक्त के भोजन के माध्यम से मच्छर को दिया जाने वाला वायरस प्रतिकृति बनाने में सक्षम नहीं था। लिहाजा, मच्छरों के काटने से कोरोना वायरस के फैलने की आशंका ही नहीं है।

नए अध्ययन के अनुसार, यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों में से 30 फीसद मरीजों को फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर रही हैं। कोरोना नेगेटिव होने के बावजूद ऐसे मरीज खुद को स्वस्थ महसूस नहीं करते और फेफड़े की दिक्कत की वजह से हमेशा थकान महसूस होती है।

अभी तक कोरोना का कोई इलाज नहीं मिल पाया है और दुनिया की कई ड्रग कंपनियां टीका और दवा बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। इस बीच राहत भरी खबर यह भी मिली है कि कोरोना का वायरस पहले की तुलना में थोड़ा कमजोर हुआ है और वह अब पहले जितना घातक नहीं रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में एक दिन में 17,296 नए मामले सामने आए हैं। मगर, वायरस से ठीक होने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। देश में संक्रमित लोगों के ठीक होने वालों की दर बढ़कर 58.24 फीसदी हो गई है।