मुंबई

मीरा-भाईंदर मनपा का ‘परवाना (लाइसेंस)’ घोटाला !

मीरा-भाईंदर में ‘परवाना (लाइसेंस)’ के नाम पर ‘जबरन’ ‘अतिरिक्त शुल्क’ वसूली की बात सामने आयी है।
आकड़ो को पैमाना माने तो अब तक करोड़ो रूपये की अतिरिक्त वसूली की जा चुकी है। सघन जांच करने पर यह करोड़ो रूपये का घोटाला हो सकता है जिसमें आम और खास लोगों से ‘परवाना (लाइसेंस)’ के नाम पर अतिरिक्त रुपयों की वसूली हुई है और हो रही है। इस बाबत नगरसेवक गणेश शेट्टी ने आयुक्त को शिकायत भी की है और जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

● क्या है पूरा मामला

महानगरपालिका अधिनियम के अनुसार मनपा क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक व्यवसायिक प्रतिष्ठान को ‘परवाना’ लेना अनिवार्य होता है। दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान के आकार (स्क्वायर फीट) के आधार पर वार्षिक परवाना शुल्क 500 से 10000 रुपये होता है। मीरा-भाईंदर मनपा ने ‘सेवादल नागरी सहकारी संस्था’ नामक संस्था को परवाना (लाइसेंस) बनाने और शुल्क वसूलने का ठेका दे रखा है।

250 स्क्वायर फीट तक की दुकान पर प्रतिवर्ष 500 रुपये परवाना शुल्क लगता है। लेकिन ‘परवाना (लाइसेंस)’ बनाने वाले ठेकेदार जबरन 3-3 साल का परवाना बना रहे है और 1500 रुपये के ऐवज में 2500 रुपये की वसूली कर रहे है।

राम यादव (30) एक 200 स्क्वायर फीट की दुकान में चाय बनाकर बेचते है। नियमानुसार उनका परवाना शुल्क 500 रुपये प्रतिवर्ष होता है। राम बताते है कि उन्हें ‘जबरन’ 3 साल का परवाना बनाने को कहा गया है और 1500 की जगह 2500 रुपये वसूले गये।
कुछ ऐसी ही कहानी चाय-नाश्ता बेचने वाले श्याम सुंदर(35) और हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले जयंत जांगिड़(47) की है।

● अधिकारी के ‘फर्जी हस्ताक्षर’ का अंदेशा ?

ठेकेदार के कर्मचारी परवाना न बनाने पर एक नोटिस देते है। जयंत जांगिड़ को भी 23 फरवरी 2021 को एक नोटिस मिला है जिस पर मनपा के सहायक आयुक्त स्वप्निल सावंत के हस्ताक्षर है। विचारणीय है कि स्वप्निल सावंत के तबादला महीनों पहले प्रभाग अधिकारी के तौर पर हो चुका है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि स्वप्निल सावंत के हस्ताक्षर कहा से आये।

● करोड़ो रूपये का हो सकता है घोटाला

इस मामलें में शिकायतकर्ता गणेश शेट्टी बताते है कि मीरा-भाईंदर में लगभग 2 लाख व्यवसायिक प्रतिष्ठान है। वे कहते है कि अगर 1000 रुपये अतिरिक्त के हिसाब से भी जोड़े तो यह कई सौ करोड़ रुपये का घोटाला हो सकता है। शेट्टी ने ठेका रद्द कर ठेकेदार से सभी परवाना पर किये गये ‘अतिरिक्त वसूली’ को वसूलने की मांग की है।

● मनपा प्रशासन ठेका करेगा रद्द – उपायुक्त

‘सेवादल नागरी सहकारी संस्था’ के ललित गवस ने अपने कर्मचारियों की गलती को स्वीकार करते हुये उनपर कार्रवाई की बात कही है। उपायुक्त अजित मुठे ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर वो ठेकेदार पर कार्रवाई करेंगे और उसका ठेका रद्द करेंगे। उन्होंने कहा कि मार्च महीने में ठेके की मुद्दत खत्म होने वाली है।

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