महर्षि वाल्मीकि हिंदू सद्भावना एवं समरसता के भाव प्रणेता -धर्मेन्द्र भारत

महर्षि वाल्मीकि हिंदू सद्भावना एवं समरसता के भाव प्रणेता -धर्मेन्द्र भारत

फ़िरोज़ाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समरसता गतिविधि द्वारा मंगलवार को चंद्र नगर महानगर में अलग-अलग स्थानों पर वाल्मीकि जयंती का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया। समरसता का भाव मजबूत करने के उद्देश्य से बाल्मीकि समाज के लोगों का सम्मान किया व उनके महत्व को समझते हुए उनका आभार व्यक्त किया। महर्षि वाल्मीकि से मिलने वाली प्रेरणा से लोगों को अवगत कराया।

मंगलवार को सुदर्शन नगर में नगर कार्यवाह प्रेम अग्निहोत्री एवं सह कार्यवाह के नेतृत्व में वाल्मीकि जयंती का आयोजन किया गया। रैदास बस्ती निकट रसूलपुर थाना वीर सावरकर नगर स्थित महर्षि वाल्मीकि वाटिका पर महर्षि वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम का आयोजन हुआ।कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में वाल्मीकि समाज के लोगों एवं समाज के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

नगर निगम परिसर में आयोजित वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चंद्रनगर महानगर के विभाग प्रचारक धर्मेन्द्र भारत ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत भाषा के महानतम महाकाव्य रामायण के लेखक के रूप में जाना जाता है। देवी सीता ने उनके द्वारा दिए आश्रय के दौरान जुड़वां बेटे कुश और लव को आश्रम में ही जन्म दिया था। उन्होंने हिंदू सद्भावना एवं समरसता का भाव प्रणेता के रूप में महर्षि वाल्मीकि को बताया।

धर्मेन्द्र भारत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समरसता गतिविधि के द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। ताकि समाज में भेदभाव छुआछूत की भावना पूर्ण रूप से खत्म की जा सके और एक संगठित हिंदू समाज की स्थापना हो।इसी निमित्त शरद पूर्णिमा के दिन वाल्मीकि जयंती का कार्यक्रम महानगर के अंतर्गत 10 नगरों में अलग-अलग स्थानों पर किया गया है।अन्य गतिविधियों द्वारा बड़े स्तर पर भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने महर्षि वाल्मीकि के मंदिर में जाकर वहां की साफ सफाई की व्यवस्था भी की है। दीप मालिका कर इस जयंती को एक महा पर्व के रूप से बनाने का कार्य किया है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मेयर नूतन राठौर,अंबेश शर्मा,रमाकांत शर्मा,ललित मोहन सक्सैना,रामबाबू झा,अतुल यादव आदि रहे।

 

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