दिग्गज लेखक-निर्देशक सागर सरहदी का निधन

दिग्गज लेखक-निर्देशक सागर सरहदी का निधन

मुंबई।दिग्गज लेखक और फिल्मकार सागर सरहदी का सोमवार का निधन हो गया।वो लंबे समय से बीमार थे। उनकी उम्र 88 साल की थी।सागर सरहदी ने अपने मुंबई स्थित घर पर अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद सागर सरहदी को एक कार्डिएक केयर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उन्हें हृदय संबंधी दिक्कतें थीं। साल 2018 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा था तब भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सागर सरहदी का असली नाम गंगा सागर तलवार था। उनका का जन्म 111 मई 1933 को Baffa, Abbottabad पाकिस्तान में हुआ था।वो अपने गांव एबटाबाद को छोड़कर पहले दिल्ली के किंग्सवे कैंप और फिर मुंबई की एक पिछड़ी बस्ती रहे। इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत के दम पर फिल्मों में अपना करियार बनाया।सागर सरहदी को को पॉपुलैरिटी यश चोपड़ा की फिल्म ‘कभी कभी’ से मिली थी। इस फिल्म में राखी और अमिताभ बच्चन थे।

फिल्म बाजार से उन्होंने डायरेक्शन में डेब्यू किया था। इस फिल्म में स्मिता पाटिल,फारुख शेख और नसीरुद्दीन शाह हैं। 1982 में रिलीज हुई ये फिल्म इंडियन क्लासिक मानी जाती है। वो इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक और राइटर तीनों थे।उन्होंने फिल्म Noorie (1979); सिलसिला (1981),चांदनी (1989),रंग (1993),जिंदगी (1976); कर्मयोगी, कहो ना प्यार है,कारोबार,बाजार और चौसर जैसी हिट फिल्मों की स्क्रीप्ट लिखी थीं।सागर सरहदी की गिनती हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन कहानीकारों में होती है। सागर सरहदी ने फिल्म बाजार का निर्देशन किया। इस फिल्म में स्मिता पाटिल,फारुख शेख और नसीरुद्दीन शाह ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म को समीक्षकों ने काफी सराहा था।

सागर सरहदी के निधन के बाद फिल्मकार अशोक पंडित ने लिखा कि ‘जानकर दुख हुआ कि मशहूर लेखक-निर्देशक सागर सरहदी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने कई शानदार फिल्मों कभी कभी, नूरी, चांदनी, दूसरा आदमी और सिलसिला की कहानी लिखी। उन्होंने फिल्म बाजार को लिखा और निर्देशन किया। फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह बहुत बड़ा नुकसान है।‘

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