उत्तर प्रदेश जल्द आ सकता है लव जिहाद पर कानून,गृह विभाग ने भेजा प्रस्ताव

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के मामलों से निपटने के लिए जल्द ही सख्त कानून आ सकता है। वैसे भी इस तरह के मामलों को लेकर प्रदेश की योगी सरकार का रूख हमेश से कड़ा रहा है। अब सख्त कानून बनाने के लिए उप्र के गृह विभाग ने न्याय व विधि विभाग को प्रस्ताव भेजा है। विधि विभाग प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर सहमति जताई थी, जिसमें कहा गया था कि महज शादी करने के लिए किया गया धर्म परिवर्तन अवैध होगा।

न्यायालय के आदेश पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि सरकार भी ‘लव जिहाद’ के मामलों पर रोक लगाने के लिए क़ानून लेकर आएगी और और फिर ऐसी हरकत करने वालों का ‘राम नाम सत्य’ ही होगा। साथ ही योगी ने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी जो पहचान छिपाकर महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करते हैं।

यूपी में लव जिहाद के नए कानून को लेकर जो बातें अब तक सामने आई है, उसके अनुसार 7 साल तक की सजा का प्रावधान होगा। यदि दो अलग-अलग धर्म के लोग शादी करते हैं तो इस बात की जाँच की जाएगी कि यह धोखे से तो नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार भी जल्द ही लव जिहाद पर कानून बनाने जा रही है। सरकार आगामी विधानसभा सत्र में धर्मांतरण और लव जिहाद के बढ़ते मामलों को रोकने के मकसद से मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्र्य कानून 2020 लाने की तैयारी में है।

इस नए अधिनियम में जोर जबरदस्ती से धर्मांतरण कराने पर पाँच साल तक की सजा का प्रावधान होगा। वहीं लव जिहाद में किसी भी प्रकार से सहायता करने वालों को भी मुख्य आरोपित की ही तरह सज़ा दी जाएगी और शादी के लिए धर्मांतरण कराने वालों को भी सजा देने का प्रावधान इस कानून में रहेगा।

लव जिहाद के नए कानून के तहत अगर कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर शादी करना चाहता हो, तो इसके लिए उसे एक महीने पहले कोर्ट में अर्जी लगानी पड़ेगी। वहीं, बिना आवेदन के अगर धर्मांतरण किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जोर-जबरदस्ती, बलपूर्वक या धोखे से शादी करने पर धोखे से पहचान छिपाकर की गई शादी को इस कानून के बाद अवैध माना जाएगा। एजेंसी