मीरा भायंदर में ललही छठ पूजन कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

मीरा भायंदर में ललही छठ पूजन कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

शैलेंद्र पांडे/ मीरा भायंदर

मीरा भायंदर पूर्व में महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र के हेतु मनाए जाने वाले व्रत ललही छठ के पूजन का कार्यक्रम डमरू ग्राउंड में आयोजित किया था और पौराणिक कथाओं और रिवाजों के अनुसार छठ माता की पूजा अर्चना की।

भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को ललही छठ के रूप में मनाया जाता है। इसे पीन्नी छठ, खमर छठ, राधन छठ, चंदन छठ, तिनछठी, तिन्नी छठ, ललही छठ, हलछठ, हरछठ व बलराम जयंती के रूप में भी जाना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हलषष्ठी व्रत किया जाता है। बलराम का प्रधान शस्त्र हल और मुसल है। इसलिए उन्हें हलधर के नाम से भी पुकारा जाता है और उन्ही के नाम पर इस पर्व का नाम हलषष्ठी पड़ा है।

ललही छठ को लेकर बहुत सारी मान्यताएं और कथाएं आपको पढ़ने और सुनने को मिलेंगी। भायंदर पूर्व निवासी रीता तिवारी बताती है कि कहानी जो भी हो लेकिन पुत्र की लंबी आयु के लिए हम सभी औरतें व्रत करती है और अपने पुत्र और परिवार के लिए छठी मईया से प्रार्थना करती है। व्रतआहार के रूप में तिन्नी का चावल, भैंस का दूध, और महुआ का सेवन किया जाता है।

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