केरल में RSS कार्यकर्ता की हत्या आम बात,SDPI द्वारा लगाए गए भड़काऊ नारों का किया था विरोध

केरल में RSS कार्यकर्ता की हत्या आम बात,SDPI द्वारा लगाए गए भड़काऊ नारों का किया था विरोध

नई दिल्ली। केरल के अलप्पुझा में दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में एक RSS कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। ये घटना चेरथला के वायलार में हुई। बुधवार (फरवरी 24, 2021) को ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI)’ ने एक रैली निकाली थी, जिसमें हिंसा हुई। इसमें 6 लोग घायल भी हुए हैं। इसमें 22 वर्षीय RSS कार्यकर्ता नंदू कृष्णा की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में SDPI कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराने का आश्वासन दिया है।

नंदू कृष्णा को वायलार में RSS का स्थानीय प्रमुख बनाया गया था। RSS के शाखा प्रमुख नंदू को इलाज के लिए एर्नाकुलम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है क्योंकि भाजपा ने दिन भर हड़ताल की घोषणा की है। ये घटना रात को नागामकुलंगरा रेलवे स्टेशन पर हुई। रैली दोपहर में ही निकाली गई थी, लेकिन शाम को विरोध प्रदर्शन के बाद हिंसा हुई।

बताया जा रहा है कि SDPI की रैली में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके खिलाफ हिन्दू कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। नंदू के एक साथी पर भी चाकू से वार किया गया, जिनका इलाज चल रहा है। भाजपा चेरथला निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष अभिलाष मपरमपिल का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही इस घटना को अंजाम दिया गया। बता दें कि SDPI, ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)’ का ही राजनीतिक संगठन है।

ये सारा मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केरल रैली से जुड़ा हुआ है, जो रविवार को हुई थी। उस दौरान भी SDPI वालों ने भड़काऊ नारे लगाए थे और उसके बाद विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। ये सभी सीएम योगी के खिलाफ बहिष्कार अभियान चला रहे थे। संघ ने भड़काऊ बयानबाजी पर आपत्ति जताई तो कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया गया। RSS के 3 अन्य कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं।

हाल ही में मलप्पुरम के तेनियापलम में PFI की रैली में कुछ लोगों ने RSS की यूनिफॉर्म पहनी थी। परेड में आरएसएस की यूनिफार्म में शामिल लोगों को जंजीर से भी बाँधा गया था। इस रैली के कई वीडियो और फोटो सामने आए थे, जिसमें देखा जा सकता है कि इस दौरान अल्लाह-हू-अकबर, ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह जैसे कई अन्य इस्लामी नारे लगाए गए। जुलूस के दौरान कुछ नारे काफी भड़काऊ और उत्तेजक थे।

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