टोक्यो ओलंपिक में डिस्कस थ्रो के फाइनल में पहुंची कमलप्रीत कौर

 टोक्यो ओलंपिक में डिस्कस थ्रो के फाइनल में पहुंची कमलप्रीत कौर

टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा है। शनिवार को आयोजित डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में कमलप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इसके फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। 25 साल की इस खिलाड़ी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से सबका दिल जीता और क्वालीफायर में 64 मीटर की दूरी तक डिस्कस थ्रो करते हुए फाइनल में जगह बनाई और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया। कमलप्रीत भारत की ओर से रिकॉर्ड स्कोर करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।

कमलप्रीत ने अपने पहले प्रयास में 60.29 मीटर, दूसरे में 63.97 और आखिरी प्रयास में 64 का स्कोर किया। फाइनल में पहुंचने के लिए 64 ही क्वॉलिफिकेशन मार्क था। जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रतियोगिता में अमेरिका की वालारी आलमैन ने 66.42 मीटर डिस्कस थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया।कमलप्रीत दो अगस्त को आयोजित डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता के फाइनल में भारत की तरफ से मेडल की दावेदारी पेश करेंगी।

25 वर्षीय कमलप्रीत कौर ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में पूरे देश का नाम रोशन किया है। कमलप्रीत ने वर्ष 2012 में पहली बार एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी पहली ही स्टेट मीट में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद वर्ष 2016 में अंडर-18 और अंडर-20 कमलप्रीत राष्ट्रीय चैंपियन बनी थीं।

65 मी. थ्रो करने वाली पहली भारतीय

कमलप्रीत ने पटियाला में आयोजित 24वें फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया था। इस प्रतियोगिता के अपने पहले प्रयास में उन्होंने 65.06 मीटर चक्का फेंककर टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफिकेशन हासिल किया था। यह उनका पहला और एकमात्र प्रयास था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए 63.50 मीटर के ओलंपिक योग्यता अंक को काफी पीछे छोड़ दिया था। जानकारी के लिए बता दें कि साल 2012 में कृष्णा पूनिया 64.76 मीटर का रिकॉर्ड बनाया था जिसे कमलप्रीत ने तोड़ते हुए अपने नाम कर लिया।

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