प्रधानमंत्री मोदी ने परोसी तीन सौ करोड़वीं थाली

समय भास्कर मथुरा /वृंदावन। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने वृंदावन में मिड डे मील मुहैया कराने विश्व के सबसे बड़े गैर सरकारी संगठन ‘अक्षय पात्र’ फाउंडेशन के कार्यक्रम में कहा की अक्षय पात्र’

पहली थाली साल 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान परोसी  गयी थी और इसकी 300 करोड़वीं थाली परोसने का उन्हें सौभाग्य मिलना बड़े हर्ष की बात है। 

उनके द्वारा मंच पर बच्चों को मिठाइयों के डिब्बे प्रदान करके इस फाउंडेशन की तीन करोड़वीं थाली की रस्मी शुरुआत की। उन्होंने बाद में इस फाउंडेशन के कुछ बच्चों को खाना परोसा। ,“ मिड डे मील की परम्परा आजादी के पहले से रही है। गुलामी के लंबे काल खंड में गरीबी अपने चरम पर पहुंची और लोगों को रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता था । बच्चे के जन्म से पहले मां और जन्म के बाद बच्चे को गुणवत्ता युक्त आहार उपलब्ध कराया जाये तो उसे बहुत सी बीमारियों से बचाया जा सकता है। आज अक्षय पात्र फांउडेशन इसमें देश की मदद कर रहा है।

केंद्र सरकार ने बच्चों के आसपास मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने का प्रयास किया है जिसके तीन पहलू हैं – खानपान, टीकाकरण और स्वच्छता। देश के स्वच्छता अभियान का प्रभाव कुंभ के मेले में भी देखा गया जिसकी देश विदेश में काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा,“अक्षय पात्र भी स्वच्छता अभियान पर ध्यान दे रहा है। पिछले साल एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में संभावना व्यक्त की गयी थी कि सिर्फ भारत के स्वच्छता अभियान से करीब तीन लाख लोगों की जान बच सकती है। ”

स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में पहले भी काम हुए हैं लेकिन मनमाफिक सफलता नहीं मिली। इस क्षेत्र में कम संसाधन वाले देश भी भारत से आगे निकल गये। केन्द्र सरकार ने 2014 से इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए नयी रणनीति के साथ कम शुरू किया। टीकाकरण अभियान मिशन के रूप में लिया गया और मिशन इंद्रधनुष के तहत देश के हर बच्चे को टीकाकरण के लक्ष्य रहा गया।

अब तक देश के करीब तीन करेाड़ 40 लाख बच्चों और करीब 90 लाख गर्भवती महिलाओं को टीका लगाया जा चुका है।” फांडेशन के अध्यक्ष मधु पंडित दासा और संस्थापक-न्यासी मोहन दास पाई की सराहना करते हुए कहा कि 1500 बच्चों से शुरू होकर रसोई के अभियान को 17 लाख बच्चों तक पहुंचाना बहुत सम्मान एवं गौरव की बात है। आपको बता दें की हाल ही में अक्षय पात्र फांउडेशन को गांधी शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है और श्री दासा को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। agency input



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