इस रेलवे लाइन से वर्ष 1965 के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच दोबारा शुरू हुआ व्यापार

इस रेलवे लाइन से वर्ष 1965 के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच दोबारा शुरू हुआ व्यापार

नई दिल्ली। भारत- बांग्लादेश के बीच पश्चिम बंगाल के हल्दीबाड़ी और बांग्लादेश के चिलाहाटी रेलवे लिंक पर रविवार से व्यावसायिक गतिविधि शुरू हो गई है। एक अगस्त को हल्दीबाड़ी से पत्थर की गिट्टियों से लदी तीस डि‍ब्‍बों वाली भारतीय मालगाड़ी बांग्‍लादेश के निलफामाड़ी जिले के चिलाहाटी के लिए रवाना हुई। भारत पाकिस्तान के बीच 1965 के युद्ध के 56 साल के अंतराल के बाद इस मार्ग पर रेल संचालन पुन: शुरू किया गया है।

व्यापार करने में दोनों देशों को होगी सहूलियत

दरअसल,हल्दीबाड़ी-चिलाहाटी रेल लाइन असम,पश्चिम बंगाल,नेपाल और भूटान से बांग्लादेश माल भेजने के लिए छोटा रास्ता है। इस रेल मार्ग के खुल जाने के बाद भारत से स्टोन चिप्स,अनाज,मछली,चूना पत्थर,लकड़ी आदि बांग्लादेश को निर्यात करने में काफी आसानी होगी। इस शुरुआत के बाद व्यापार में काफी सहूलियत होगी। सड़क परिवहन की तुलना में रेलवे के जरिए व्यापार काफी सस्ता है।

बांग्लादेश भी इस मार्ग का प्रयोग कर आसानी से अपनी सभी निर्यात योग्य वस्तुएं भारत भेज पाएगा। इस रेल मार्ग से सवारी गाड़ी चलना शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बांग्लादेश के पर्यटक आसानी से और कम समय में दार्जिलिंग,सिक्किम,द्वार के साथ ही नेपाल और भूटान भी जा सकेंगे।

वर्ष 1965 से बंद पड़ी थी रेलवे लाइन

बता दें कि यह रेलवे लाइन वर्ष 1965 से बंद पड़ी थी, जिसे पिछले साल दिसंबर में फिर से शुरू किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 17 दिसंबर, 2020 को दोबारा बहाल करते हुए इस रेल लाइन का उद्घाटन किया था।

जुलाई 2020 में पार्सल ट्रेन से भेजी थी सूखी मिर्च मिर्च

इससे पहले 2020 जुलाई में कोरोना काल के समय भारतीय रेलवे ने पहली बार देश की सीमाओं के पार सामान भेजने के लिए पार्सल ट्रेन का इस्तेमाल किया था, वो भी बांग्लादेश के लिए। रेलवे ने विशेष पार्सल ट्रेन को आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रेड्डीपालम से सूखी मिर्च लादकर बांग्लादेश के बेनापोल भेजा था।

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