पांच तरह की आयुर्वेदिक चाय से बढ़ाएं इम्‍युनिटी

तुलसी के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं। यह मानव के लिए एक वरदान है। यह आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। इसी के साथ तुलसी तनाव के स्तर को कम करती है और ब्लड शुगर के लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद करती है।

आज कोरोनावायरस  से पूरी दुनिया परेशान है। यह वायरस आक्रामक गति से फैल रहा है. वायरस का इलाज खोजने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 1.08 करोड़ तक पहुंच चुकी है।वहीं भारत में यह आंकड़ा 6 लाख के पार चला गया है।

कोरोनावायरस से बचने के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना बेहद जरूरी है। हम सब यह जानते हैं कि रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय से बेहतर कुछ नहीं।कोरोना से लड़ने के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसमें आपकी मदद करेंगी जड़ी-बूटियों से तैयार टी,जो आप घर पर ही बना सकते हैं। ये चाय आपकी इम्‍युनिटी बढ़ा देंगी।

अदरक की चाय

अदरक की चाय बनाना बहुत आसान है। यह ठंड और खांसी को दूर करने में मदद करती है और पेट की अन्य समस्याओं से भी राहत दिलाती है। यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में भी मदद करती है।सांस संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने के साथ-साथ यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी कारगर है।

नोट: जिन लोगों को हाइपरसिटी या उच्च रक्तचाप है, उन्हें इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए.

दालचीनी की चाय-
दालचीनी की चाय (Cinnamon Tea) वजन घटाने में मदद करती है। दाल-चीनी में पॉलिफीनॉल एंटीऑक्सीडेंट होता है जो BP को कंट्रोल कर दिल की बीमारियों के खतरे से बचाती है।यह शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखती है। सुबह के समय दाल-चीनी की चाय लेने से मेटाबॉलिज्म और पाचन में सुधार होता है। इसी के साथ यह बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन से भी लड़ती है।

तुलसी की चाय
तुलसी (Basil) के पत्तों में एक नहीं बल्कि कई औषधीय गुण होते हैं।यह मानव जाति के लिए एक वरदान की तरह है। यह आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। इसी के साथ यह तनाव के स्तर को कम करती है और ब्लड शुगर के लेवेल को भी कंट्रोल करने में मदद करती है।

जीरा की चाय
जीरा चाय (Cumin Tea) पाचन को दुरुस्त करने में मदद करती है। जीरा चाय अपच,सूजन और एसिडिटी को कम करने में मदद कर सकती है।साथ ही यह तेजी से मैटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने में मदद करती है।

तुलसी,काली मिर्च और लौंग की चाय

यह चाय एक इम्म्यून बूस्टर है और मौसमी संक्रमणों से लड़ने में मदद करती है। तुलसी और काली मिर्च का मिश्रण हर तरह के संक्रमण को दूर करने में कारगर माना गया है।यहां तक कि इसका इस्तेमाल मलेरिया से भी लड़ने में किया जाता है।इस चाय को बनाने के लिए आपको तुलसी के पत्ते,काली मिर्च और लौंग (Basil, Black Pepper and Clove) की जरूरत होगी।

नोट: गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में रस (प्लाज्मा),खून,मांस,फैट,अस्थि,मज्जा (बोन मैरो) और शुक्र (सीमेन),ये सात धातुएं हैं।रोजाना अलग-अलग कामों में इन सबका इस्तेमाल होने से इनका क्षय होता रहता है। हम खाने-पीने के रूप में जो भी अलग-अलग पदार्थ लेते रहते हैं,उनसे इन क्षतियों की पूर्ति होती रहती है। अगर आपका पाचन मजबूत है तो संक्रमण आपके शरीर तक नहीं पहुंच पाता।