क्या आपके भी बाल गिर रहे हैं तो करें ये आसान उपाय

 हैल्थ डेस्क
साधारण तौर पर हम प्याज का उपयोग खाने को रुचिकर बनान के हिसाब से करते हैं। लेकिन जानने योग्य यह है कि प्याज गर्म तासीर वाला होता है और स्वास्थ्य संबंधी कईे परेशानियों को दूर करने वाला साबित होता है।

अजीर्ण याने बदहजमे की शिकायत हो तो प्याज के छोटे छोट टुकडे काट लें उसमें नींबू निचोड लें और भोजन के सार्थ सेवन करें। बच्चों को बदहजमी होने पर उनको प्याज के रस की 3-4 बूंदे चटानी चाहिये।

प्याज मं क्वेरसेटिन नामक एन्टिओक्सीडेंट प्रचुरता से पाया जाता है जो आमाषय के केंसर की रोक थाम करता है। यह लाल और पीले प्याज में पाया जाता है ,सफ़ेद प्याज में नहीं मिलता है। प्याज का यह एन्टिओक्सीडेंट रक्तवहा नलिकाओं में खून के थक्के जमने स रोकता है,खून को पतला करता है,खराब कोलेस्टरोल कम करता है और बढिया कोलेस्टरोल का स्तर ऊंचा करता है। दमा रोगी और पुरानी खासी के मरीज प्याज के सेवन से लाभान्वित होते हैं। धमनी काठिन्य रोग में प्याज सेवनीय है।

प्याज सूजन विरोधी गुण रखता है,संक्रमण में एन्टिबायोटिक के रूप मे काम करता है। प्याज में केंसर से लडने की की क्षमता है।

प्याज का रस किसी बूटी से कम नहीं. इससे कई तरह की बीमारियां दूर होती हैं इसलिए ये भी कहा जाता है कि प्याज खाने से इंसान की उम्र बढ़ती है।